सितंबर में भारत का निर्यात 11% बढ़ा, कृषि निर्यात में मिले-जुले रुझान, पहली छमाही में उर्वरक आयात में 30% वृद्धि

सितंबर 2026 में भारत का कुल निर्यात 10.99% बढ़कर 80.75 अरब डॉलर और आयात 8.19% बढ़कर 94.05 अरब डॉलर रहा। कृषि निर्यात में अनाज, मांस, डेयरी, पोल्ट्री और समुद्री उत्पादों में वृद्धि हुई जबकि खली, तिलहन और बागवानी उत्पादों में गिरावट आई। उर्वरक, वनस्पति तेल, दालों और कपास का आयात बढ़ा।

सितंबर में भारत का निर्यात 11% बढ़ा, कृषि निर्यात में मिले-जुले रुझान, पहली छमाही में उर्वरक आयात में 30% वृद्धि
सितंबर 2026 में भारत का वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात सालाना आधार पर 10.99% बढ़कर अनुमानित 80.75 अरब डॉलर हो गया। वहीं, कुल आयात 8.19% बढ़कर 94.05 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कुल व्यापार में वृद्धि जारी रही, लेकिन कृषि निर्यात में मिले-जुले रुझान देखने को मिले। अनाज, मांस, डेयरी, पोल्ट्री और समुद्री उत्पादों के निर्यात में अच्छी वृद्धि हुई, जबकि खली, तिलहन, फल-सब्जियों, काजू और मसालों के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-सितंबर अवधि में अन्य अनाजों के निर्यात में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इनका निर्यात 113.8% बढ़कर 27.7 करोड़ डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 13 करोड़ डॉलर था। सितंबर में अन्य अनाजों का निर्यात सालाना आधार पर 49.9% बढ़कर 3.9 करोड़ डॉलर रहा।
मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात भी मजबूत रहा। अप्रैल-सितंबर के दौरान इनका निर्यात 42% बढ़कर 3.9 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 2.745 अरब डॉलर था। सितंबर में इन उत्पादों का निर्यात 35.2% बढ़कर 76.8 करोड़ डॉलर पहुंच गया।
समुद्री उत्पादों का निर्यात अप्रैल-सितंबर के दौरान 13.2% बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया। सितंबर में इनकी खेप 8.8% बढ़कर 85 करोड़ डॉलर रही। अनाज से बने प्रसंस्कृत उत्पादों और अन्य विविध प्रसंस्कृत वस्तुओं का निर्यात 7.2% बढ़कर 1.767 अरब डॉलर हो गया। वहीं, कॉफी का निर्यात 3.6% बढ़कर 1.087 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
चावल के निर्यात में मामूली सुधार हुआ। अप्रैल-सितंबर के दौरान इसका निर्यात 2.5% बढ़कर 5.776 अरब डॉलर रहा। सितंबर में चावल का निर्यात 4.2% बढ़कर 96.4 करोड़ डॉलर पहुंच गया। इसके विपरीत, चाय का निर्यात दबाव में रहा और छह महीने की अवधि में 13.6% गिरकर 45.5 करोड़ डॉलर रह गया।
कई अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में भी गिरावट दर्ज की गई। तिलहन खली का निर्यात 26% घटकर 43.3 करोड़ डॉलर रह गया। सितंबर में इसका निर्यात 47.5% की तेज गिरावट के साथ 5.8 करोड़ डॉलर पर रहा। तिलहन का निर्यात 16.2% घटकर 53 करोड़ डॉलर और फल-सब्जियों का निर्यात 9.6% गिरकर 1.687 अरब डॉलर रह गया।
अप्रैल-सितंबर के दौरान काजू का निर्यात 9.8% घटकर 13.6 करोड़ डॉलर रहा। सितंबर में काजू के निर्यात में सालाना आधार पर 39.4% की गिरावट आई। मसालों का निर्यात भी 5.7% घटकर 2.024 अरब डॉलर रह गया, हालांकि सितंबर में इसमें 4% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई।

आयात में उछाल

आयात के मोर्चे पर उर्वरकों, वनस्पति तेल, दालों, फल-सब्जियों और कृषि उत्पादों की अन्य श्रेणियों में वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-सितंबर 2026-27 के दौरान उर्वरकों का आयात 30.2% बढ़कर 10.045 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 7.718 अरब डॉलर था। हालांकि, सितंबर में उर्वरक आयात सालाना आधार पर 22.2% घटकर 1.839 अरब डॉलर रहा।
वनस्पति तेल का आयात छह महीने की अवधि में 11.6% बढ़कर 11.148 अरब डॉलर हो गया। सितंबर में इसका आयात 13% बढ़कर 1.968 अरब डॉलर रहा। दालों का आयात 36.8% बढ़कर 1.411 अरब डॉलर और फल-सब्जियों का आयात 29.8% बढ़कर 2.183 अरब डॉलर पहुंच गया।
कच्चे कपास और कपास के कचरे के आयात में 63% की तेज वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-सितंबर के दौरान इसका आयात बढ़कर 1.103 अरब डॉलर हो गया। सितंबर में यह 80.9% बढ़कर 30.1 करोड़ डॉलर रहा।

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