हरियाणा सरकार ने धान खरीद की लिमिट में दी छूट, अधिक उपज होने पर भी होगी खरीद

सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी धान की पैदावार निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण खरीद में परेशानी आ रही थी।

हरियाणा सरकार ने धान खरीद की लिमिट में दी छूट, अधिक उपज होने पर भी होगी खरीद

हरियाणा सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में धान खरीद के लिए तय प्रति एकड़ उपज की सीमा हटाने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में 17 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर सभी जिलों के उपायुक्तों (डिप्टी कमिश्नरों) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित सीमा से अधिक धान की उपज होने पर भी किसानों की फसल की खरीद की जाए। इसके लिए किसानों को लिमिट से अधिक उपज का लिखित अनुरोध करना होगा। जिसके बाद वास्तविक उपज का सत्यापन करने की व्यवस्था बनाई गई है। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी धान की पैदावार निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण खरीद में परेशानी आ रही थी।

भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के नेता तेजवीर सिंह ने इसे किसानों के संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि धान खरीद की सीमा के विरोध में पिछले 20 दिनों से प्रदेशभर में आंदोलन चल रहा था। उन्होंने कहा कि किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे और एकजुट होकर सरकार से अपनी मांगें पूरी करवाएंगे।

तीन साल की औसत पैदावार के आधार पर तय हुई थी सीमा

हरियाणा सरकार ने धान खरीद शुरू होने के समय खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए जिलावार औसत पैदावार के आधार पर खरीद की सीमा तय की थी। इसके तहत प्रति एकड़ धान खरीद की सीमा 26.26 क्विंटल निर्धारित की गई थी। यह व्यवस्था भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पिछले तीन वर्षों की औसत पैदावार के आधार पर लागू की गई थी।

हालांकि, किसान संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि कई किसानों के खेतों में वास्तविक पैदावार निर्धारित सीमा से काफी अधिक है। ऐसे में तय सीमा के कारण किसानों को अपनी पूरी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने में दिक्कत हो रही थी। किसानों ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किए और खरीद सीमा हटाने की मांग की।

अधिक उपज का 48 घंटे में होगा सत्यापन

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा के निदेशक कार्यालय की ओर से 17 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, किसानों की शिकायतों और संबंधित विभागों से प्राप्त अनुरोधों पर विचार करने के बाद अतिरिक्त धान की खरीद की अनुमति दी गई है।

आदेश में कहा गया है कि जिन किसानों की वास्तविक धान उपज निर्धारित सीमा से अधिक है, वे हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के संबंधित सचिव को लिखित अनुरोध दे सकते हैं। इसके बाद संबंधित सचिव दावे को सत्यापन के लिए राजस्व अधिकारियों या कृषि विभाग के पास भेजेंगे।

किसान की पिछली उत्पादन और बिक्री संबंधी जानकारी, जहां उपलब्ध होगी, उसके आधार पर दावे की जांच की जाएगी। आदेश के मुताबिक, अधिक उपज के दावे का सत्यापन 48 घंटे के भीतर किया जाना है। यदि राजस्व या कृषि विभाग के अधिकारी अधिक उपज के दावे को सही पाते हैं, तो अतिरिक्त धान की खरीद भी की जाएगी।

किसानों को मंडियों में परेशानी न हो, अधिकारियों को निर्देश

राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आदेश को उसकी मूल भावना के अनुरूप लागू किया जाए, ताकि किसानों को मंडियों में अपनी धान की उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

धान खरीद की सीमा के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इसकी प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिलों में सत्यापन की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और निर्धारित सीमा से अधिक उपज वाले किसानों का धान बिना अनावश्यक देरी के खरीदा जाता है या नहीं।

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