प्रिया गोल्ड बिस्कुट बनाने में पशु आहार वाली चोकर का इस्तेमाल, FSSAI ने सस्पेंड किया लाइसेंस; 5 अन्य खाद्य कंपनियों पर भी कार्रवाई
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में प्रिया गोल्ड बिस्कुट निर्माता सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी है। तीन अन्य खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता, भंडारण, स्वास्थ्य संबंधी दावों और लाइसेंस में अनियमितताओं पर नोटिस जारी किए गए हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा और नियामकीय प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों में तीन खाद्य उत्पाद निर्माताओं के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, तीन अन्य को अनुपालन संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं। इन मामलों में मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त सामग्री के इस्तेमाल, दूध में असुरक्षित तत्वों की मौजूदगी, किशमिश में कीटनाशक अवशेषों की अधिक मात्रा, स्वच्छता में लापरवाही, अनुचित भंडारण और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं शामिल हैं।
प्रिया गोल्ड बिस्कुट निर्माता के खिलाफ कार्रवाई
FSSAI ने प्रिया गोल्ड बिस्कुट बनाने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दी है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद किए गए निरीक्षण में पाया गया कि बिस्कुट निर्माण में फाइबर के स्रोत के रूप में पशु आहार के लिए इस्तेमाल होने वाली चोकर का उपयोग किया जा रहा था, जो मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं है।
निरीक्षण के दौरान परिसर में पशु आहार के लिए चिह्नित बोरियां मिलीं। इसके अलावा, कारखाने में साफ-सफाई, कीट नियंत्रण और कच्चे माल के भंडारण में भी कई खामियां पाई गईं। इन निष्कर्षों के बाद कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और उसके खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई।

डोडला डेयरी का दूध असुरक्षित पाया गया
FSSAI ने डोडला डेयरी लिमिटेड के खिलाफ भी उसके ‘फुल क्रीम मिल्क’ को लेकर अभियोजन की मंजूरी दी है। प्रारंभिक प्रयोगशाला जांच में दूध में वसा की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाई गई थी। इसके बाद रेफरल फूड लैबोरेटरी में कराई गई जांच में कथित तौर पर डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा जैसे संदूषकों की मौजूदगी सामने आई। इसके आधार पर उत्पाद को असुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके बाद कंपनी के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की गई है।
ऑर्गेनिक किशमिश में कीटनाशक अवशेष
FSSAI ने यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी अभियोजन की मंजूरी दी है। कंपनी की ‘येलो रेजिन्स’ यानी पीली किशमिश के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में कई कीटनाशकों के अवशेष निर्धारित स्वीकार्य सीमा से अधिक पाए गए। जांच में थायमेथोक्सम और फ्लूओपाइराम के मेटाबोलाइट्स जैसे रसायनों की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई।
तीन अन्य खाद्य कारोबारियों को नोटिस
अभियोजन की कार्रवाई के अलावा, FSSAI ने तीन अन्य खाद्य कारोबारियों को औपचारिक नोटिस जारी कर निर्धारित समयसीमा में उल्लंघनों पर स्पष्टीकरण देने और कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है।
नरपधम फूड्स के निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं। इनमें लाइसेंस को प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं करना, काम करने के लिए अपर्याप्त जगह, धूल जमा होना और कीटों को रोकने के लिए उचित जाली या स्क्रीन की व्यवस्था नहीं होना शामिल है। इसके अलावा, खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग के प्रमाणपत्रों की कमी और उत्पादों की पैकेजिंग पर अप्रमाणित स्वास्थ्य संबंधी दावे भी पाए गए। कंपनी के पास कोई चालू खुदरा बिक्री केंद्र नहीं होने के कारण उसे अपने लाइसेंस से खुदरा कारोबार की श्रेणी हटाने का निर्देश दिया गया।
सन रिजेस हेल्थ केयर्स को स्वच्छता और भंडारण में खामियों के लिए नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण में अनाज आधारित उत्पादों को सीधे फर्श पर रखा जाना, साफ-सफाई की खराब स्थिति, खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले उपकरणों की सफाई नहीं होना तथा पानी की जांच और कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड का रखरखाव नहीं करना जैसी कमियां पाई गईं।
वहीं, शा कांतिलाल जयंतिलाल के खिलाफ कार्रवाई तब की गई, जब निरीक्षण के दौरान उसका लाइसेंस प्राप्त परिसर पूरी तरह बंद मिला। FSSAI ने कंपनी से खुदरा, थोक और आयात कारोबार की श्रेणियों के तहत घोषित गतिविधियों को स्पष्ट करने वाले दस्तावेज जमा करने को कहा है।
FSSAI ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में नोटिस का पालन नहीं करने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इसमें लाइसेंस का निलंबन या रद्द किया जाना भी शामिल है।

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