जुलाई में थोक महंगाई मामूली घटकर 9.78% पर आई, लेकिन खाद्य पदार्थों का इंडेक्स बढ़ा
जुलाई 2026 में भारत की थोक महंगाई मामूली घटकर 9.78 फीसदी रही, लेकिन खाद्य और कृषि उत्पादों की कीमतों का दबाव बना रहा। प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई 8.52 फीसदी और WPI खाद्य सूचकांक 6.65 फीसदी रहा। कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र का Output PPI भी बढ़कर 115.6 हो गया।
भारत में थोक महंगाई (WPI) जुलाई 2026 में 9.78 फीसदी पर ऊंची बनी रही। खाद्य वस्तुओं और कृषि उत्पादों की कीमतों का दबाव जारी रहा। प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई बढ़कर 8.52 फीसदी हो गई, जबकि व्यापक WPI खाद्य सूचकांक जून के 6.14 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 6.65 फीसदी हो गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में थोक महंगाई जून के 9.87 फीसदी से मामूली घटकर 9.78 फीसदी रही। सभी वस्तुओं का WPI सूचकांक जून के 110.2 से घटकर जुलाई में 110.0 हो गया।
प्राथमिक वस्तुओं में महंगाई 8.52 फीसदी
WPI में 22.76 फीसदी भार रखने वाली प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई जुलाई में बढ़कर 8.52 फीसदी हो गई, जो जून में 7 फीसदी थी। खाद्य वस्तुओं की महंगाई जुलाई में 5.44 फीसदी रही, जबकि जून में यह 5.49 फीसदी थी। हालांकि गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई में तेज बढ़ोतरी हुई और यह जून के 11.07 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 17.66 फीसदी हो गई। खनिजों की महंगाई भी 9.45 फीसदी से बढ़कर 13.28 फीसदी हो गई।
प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक जून के 116.1 से बढ़कर जुलाई में 117.2 हो गया। खाद्य वस्तुओं का सूचकांक 117.3 से बढ़कर 118.2 और गैर-खाद्य वस्तुओं का सूचकांक 110.4 से बढ़कर 112.6 हुआ। सरकार के अनुसार जुलाई में खनिज तेल, खाद्य वस्तुएं, बुनियादी धातु, गैर-खाद्य वस्तुएं, खाद्य उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग तथा रसायन एवं रासायनिक उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग WPI महंगाई के प्रमुख चालक रहे।
खाद्य महंगाई में तेजी
WPI खाद्य सूचकांक का कुल भार 24.99 फीसदी है। इसमें प्राथमिक वस्तुओं के समूह की खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों के समूह के खाद्य उत्पादों को शामिल किया जाता है। जुलाई में इसकी महंगाई बढ़कर 6.65 फीसदी हो गई, जो जून में 6.14 फीसदी थी। मैन्युफैक्चर्ड खाद्य उत्पादों की महंगाई में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। यह जून के 7.20 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 8.89 फीसदी हो गई। इस श्रेणी का सूचकांक जून के 113.1 से बढ़कर जुलाई में 115.1 हो गया।
वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल-जुलाई के दौरान WPI खाद्य सूचकांक में महंगाई 5.12 फीसदी रही। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसमें 0.45 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान खाद्य वस्तुओं की महंगाई 4.31 फीसदी, जबकि मैन्युफैक्चर्ड खाद्य उत्पादों की महंगाई 6.71 फीसदी रही।
ईंधन महंगाई घटी, लेकिन स्तर ऊंचा
ईंधन एवं बिजली समूह की महंगाई जुलाई में घटकर 20.05 फीसदी रह गई, जबकि जून में यह 27.41 फीसदी थी। हालांकि खनिज तेलों की महंगाई अभी ऊंची 32.40 फीसदी है। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई 26.99 फीसदी रही। बिजली की महंगाई जुलाई में सकारात्मक होकर 1.09 फीसदी रही, जबकि जून में यह -0.76 फीसदी थी। कोयला और लिग्नाइट की महंगाई -0.56 फीसदी रही।
मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों की महंगाई 8.29 फीसदी
मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों की महंगाई भी जून के 7.48 फीसदी से बढ़कर जुलाई में 8.29 फीसदी हो गई। कई औद्योगिक क्षेत्रों में कीमतों का दबाव बना रहा। बुनियादी धातुओं की महंगाई 12.56 फीसदी, रसायन एवं रासायनिक उत्पादों की 13.12 फीसदी, विद्युत उपकरणों की 12.34 फीसदी, कपड़ा क्षेत्र की 12.80 फीसदी और रबर एवं प्लास्टिक उत्पादों की 10.38 फीसदी रही।
तंबाकू उत्पादों की महंगाई 13.36 फीसदी, जबकि फैब्रिकेटेड मेटल उत्पादों की 7.24 फीसदी रही। मोटर वाहनों, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर की महंगाई अपेक्षाकृत कम 1.80 फीसदी रही।
कृषि उत्पादन कीमतों में भी बढ़ोतरी
सरकार ने जुलाई के लिए आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (Output PPI) के प्रारंभिक आंकड़े भी जारी किए हैं। सभी वस्तुओं का Output PPI जुलाई में 109.9 पर स्थिर रहा। कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र का Output PPI जून के 114.1 से बढ़कर जुलाई में 115.6 हो गया। इसके भीतर फसल एवं पशु उत्पादन तथा संबंधित सेवाओं का सूचकांक 114.3 से बढ़कर 116.1 हो गया। वानिकी एवं लॉगिंग का सूचकांक 118.0 से बढ़कर 119.9 हो गया, जबकि मत्स्य एवं एक्वाकल्चर का सूचकांक 106.6 से घटकर 103.7 रहा।
अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान कृषि, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र का संचयी Output PPI सूचकांक 113.3 रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में 107.2 था। फसल एवं पशु उत्पादन का संचयी सूचकांक 113.5 रहा।
थोक महंगाई अब भी ऊंचे स्तर पर
माह-दर-माह मामूली गिरावट के बावजूद थोक महंगाई इस साल की शुरुआत की तुलना में काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। WPI महंगाई फरवरी में 2.18 फीसदी से बढ़कर मार्च में 3.98 फीसदी, अप्रैल में 8.36 फीसदी और मई में 9.88 फीसदी हो गई थी। इसके बाद जून में यह 9.87 फीसदी और जुलाई में 9.78 फीसदी रही।
सरकार ने मई 2026 की अंतिम WPI महंगाई दर को भी संशोधित किया है। मई की दर को शुरुआती 9.68 फीसदी के अनुमान से बढ़ाकर 9.88 फीसदी किया गया है।

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