महाराष्ट्र में छह कृषि क्लस्टर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का लक्ष्य, 1000 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान

महाराष्ट्र ने MAGNET 2.0 के तहत छह कृषि क्लस्टरों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसरों की घोषणा की है। केला, अनार, आम, साइट्रस, काजू और हल्दी के लिए एकीकृत कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और निर्यात बुनियादी ढांचा विकसित होगा। कार्यक्रम 23 वैल्यू चेन और 4 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचेगा।

महाराष्ट्र में छह कृषि क्लस्टर के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का लक्ष्य, 1000 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान

महाराष्ट्र ने महाराष्ट्र एग्रीबिजनेस नेटवर्क (MAGNET) कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत छह कृषि क्लस्टरों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के अवसरों की घोषणा की है। इस पहल के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी से एकीकृत कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, एग्रीगेशन और निर्यात बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। मुंबई में आयोजित MAGNET एग्रीबिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर मीट में निवेश के अवसरों की घोषणा करते हुए महाराष्ट्र के कृषि विपणन एवं प्रोटोकॉल मंत्री तथा महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड (MSAMB) के चेयरमैन जयकुमार रावल ने कहा कि छह क्लस्टरों में केला, अनार, आम, साइट्रस, काजू और हल्दी की वैल्यू चेन को शामिल किया जाएगा।

प्रस्तावित इन्फ्रास्ट्रक्चर की सालाना हैंडलिंग क्षमता करीब 6 लाख मीट्रिक टन और कोल्ड स्टोरेज क्षमता एक लाख मीट्रिक टन से अधिक होगी। इसमें एग्री-लॉजिस्टिक्स हब, एग्रीगेशन और ग्रेडिंग केंद्र, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन इकाइयां तथा निर्यात-केंद्रित बुनियादी ढांचा शामिल होगा। राज्य सरकार जल्द ही प्रस्तावित क्लस्टरों के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) आमंत्रित करेगी।

MAGNET 2.0 का उद्देश्य खेतों से उत्पादन के बाद एग्रीगेशन, ग्रेडिंग, भंडारण, प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और बाजार पहुंच के बीच मौजूद अंतर को दूर करना है। इसके तहत इन सभी गतिविधियों को एकीकृत वैल्यू चेन से जोड़ने की योजना है। कार्यक्रम का कुल व्यय 25 करोड़ डॉलर है, जिसमें एशियाई विकास बैंक (ADB) और महाराष्ट्र सरकार का सहयोग भी रहेगा।

MAGNET 2.0 में कार्यक्रम का दायरा 15 से बढ़ाकर 23 वैल्यू चेन किया जाएगा। इसके 4 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा 200 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मजबूत और विकसित करने तथा 1.15 लाख FPO सदस्यों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य सरकार के अनुसार, MAGNET 1.0 के तहत 280 से अधिक उप-परियोजनाओं को समर्थन दिया गया और 47,000 मीट्रिक टन से अधिक की कोल्ड स्टोरेज क्षमता तैयार की गई। इससे 2.32 लाख से अधिक किसान सीधे प्रभावित हुए, जिनमें लगभग 43 प्रतिशत महिलाएं थीं। MAGNET फसलों में कटाई के बाद होने वाले नुकसान में करीब 8.73 प्रतिशत की कमी आई। कार्यक्रम के तहत लगभग 275 करोड़ रुपये की निजी पूंजी जुटाई गई और करीब 4,300 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए।

रावल ने कहा कि अगले चरण में निजी क्षेत्र सरकार के साथ साझेदार के रूप में काम करेगा। निजी क्षेत्र से पूंजी, तकनीक, प्रसंस्करण विशेषज्ञता, परिचालन क्षमता और बाजार पहुंच मिलने की उम्मीद है, जबकि सरकार बुनियादी ढांचे, वित्त, संस्थागत व्यवस्था और बाजार प्रणालियों को समर्थन देगी।

राज्य सरकार ने पालघर जिले के डहाणू के पास करीब 1,300 एकड़ में अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है। प्रस्तावित बाजार को एकीकृत खाद्य एवं कृषि व्यापार केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जो किसानों और FPO को निर्यातकों, प्रसंस्करण इकाइयों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और घरेलू बाजारों से जोड़ेगा। इसे वधावन बंदरगाह, प्रस्तावित हवाई अड्डे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे के माध्यम से कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद है। रावल ने कहा कि प्रस्तावित बाजार का उद्देश्य कृषि उत्पादन केंद्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मांग से जोड़ना है।

MSAMB के कार्यकारी निदेशक संजय कदम ने कहा कि बोर्ड बाजार संबंधी जानकारी, बाजार संपर्क और निर्यात सुविधा पर ध्यान देगा। साथ ही FPO, वैल्यू चेन से जुड़े कारोबारियों, खरीदारों और निवेशकों के बीच संपर्क को मजबूत किया जाएगा।

राज्य सरकार के अनुसार, MAGNET 2.0 और प्रस्तावित डहाणू कृषि बाजार, महाराष्ट्र के व्यापक ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य प्राथमिक कृषि जिंसों से आगे बढ़कर प्रसंस्कृत, ब्रांडेड और ट्रेसेबल उत्पादों की दिशा में बढ़ना तथा वैश्विक कृषि व्यापार में महाराष्ट्र की भागीदारी बढ़ाना है।

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