जुलाई में भारत का वनस्पति तेल आयात 7% घटा, लेकिन पाम और सोयाबीन तेल के आयात में तेज वृद्धि

भारत का वनस्पति तेल आयात जुलाई 2026 में 7 फीसदी घटकर 15.25 लाख टन रहा, लेकिन नवंबर-जुलाई अवधि में 5 फीसदी बढ़कर 121.50 लाख टन हो गया। जुलाई में पाम और सोयाबीन तेल के आयात में तेज वृद्धि हुई। वहीं, चालू तेल वर्ष में रिफाइंड तेल की हिस्सेदारी घटकर 4 फीसदी और कच्चे तेल की हिस्सेदारी 96 फीसदी हो गई।

जुलाई में भारत का वनस्पति तेल आयात 7% घटा, लेकिन पाम और सोयाबीन तेल के आयात में तेज वृद्धि

भारत का वनस्पति तेल आयात जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 7 फीसदी घटकर 15.25 लाख टन रह गया। जुलाई 2025 में देश ने 16.48 लाख टन वनस्पति तेल का आयात किया था। हालांकि चालू तेल वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (नवंबर 2025 से जुलाई 2026) में कुल वनस्पति तेल आयात 5 फीसदी बढ़कर 121.50 लाख टन हो गया। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) की तरफ से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

जुलाई में कुल आयात में 14.81 लाख टन खाद्य तेल और 43,949 टन गैर-खाद्य तेल शामिल रहे। हालांकि, महीने-दर-महीने आधार पर खाद्य तेलों का आयात जून के 11.11 लाख टन से बढ़कर जुलाई में 14.81 लाख टन हो गया।

इस बढ़ोतरी में पाम और सोयाबीन तेल की प्रमुख भूमिका रही। जुलाई में पाम तेल का आयात जून के 4.86 लाख टन से 48 फीसदी बढ़कर 7.19 लाख टन हो गया। इसी तरह सोयाबीन तेल का आयात 31 फीसदी बढ़कर 4.98 लाख टन हो गया, जो जून में 3.80 लाख टन था।

नौ महीने में खाद्य तेल आयात 5% बढ़ा

नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के दौरान कुल वनस्पति तेल आयात 121.50 लाख टन रहा, जबकि पिछले तेल वर्ष की इसी अवधि में यह 116.03 लाख टन था। इस तरह इसमें 5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

इस अवधि में खाद्य तेलों का कुल आयात भी 5 फीसदी बढ़कर 119.23 लाख टन हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 113.46 लाख टन था। इससे संकेत मिलता है कि जुलाई में मासिक गिरावट के बावजूद चालू तेल वर्ष में भारत का कुल वनस्पति तेल आयात पिछले साल की तुलना में ऊंचा बना हुआ है।

रिफाइंड तेल के आयात में तेज गिरावट

भारत के वनस्पति तेल आयात की संरचना में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रिफाइंड तेल के आयात में तेज गिरावट आई है, जबकि कच्चे तेल का आयात बढ़ा है। नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के दौरान रिफाइंड पाम तेल का आयात सिर्फ 4.34 लाख टन रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 15.72 लाख टन था। इसके विपरीत, कच्चे तेल का आयात बढ़कर 114.89 लाख टन हो गया, जो पिछले वर्ष 97.74 लाख टन था। इसके परिणामस्वरूप कुल आयात में रिफाइंड तेल की हिस्सेदारी 14 फीसदी से घटकर 4 फीसदी रह गई, जबकि कच्चे तेल की हिस्सेदारी 86 फीसदी से बढ़कर 96 फीसदी हो गई।

पाम तेल की हिस्सेदारी बढ़ी

नवंबर 2025-जुलाई 2026 के दौरान पाम तेल का आयात बढ़कर 57.46 लाख टन हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 51.53 लाख टन था। कुल खाद्य तेल आयात में पाम तेल की हिस्सेदारी भी 45 फीसदी से बढ़कर 48 फीसदी हो गई। इसमें कच्चे पाम तेल के आयात में बढ़ोतरी की प्रमुख भूमिका रही।

दूसरी ओर, सॉफ्ट ऑयल का आयात लगभग स्थिर रहा। यह पिछले साल के 61.93 लाख टन की तुलना में चालू तेल वर्ष में 61.78 लाख टन रहा। हालांकि, कुल खाद्य तेल आयात में इसकी हिस्सेदारी 55 फीसदी से घटकर 52 फीसदी हो गई।

तेल के प्रकार के लिहाज से कच्चा पाम तेल 56.62 लाख टन के साथ सबसे अधिक आयातित तेल रहा। इसके बाद कच्चे और रिफाइंड सोयाबीन तेल का आयात 38.21 लाख टन और कच्चे एवं रिफाइंड सूरजमुखी तेल का आयात 23.48 लाख टन रहा।

अर्जेंटीना, मलेशिया और इंडोनेशिया प्रमुख आपूर्तिकर्ता

नवंबर-जुलाई अवधि में अर्जेंटीना भारत को खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा। वहां से कुल 27.35 लाख टन तेल आया, जिसमें 21.34 लाख टन कच्चा सोयाबीन तेल और 6.01 लाख टन सूरजमुखी तेल शामिल था। रूस से 11.35 लाख टन तेल का आयात हुआ, जिसमें मुख्य रूप से कच्चा सूरजमुखी तेल शामिल था।

मलेशिया से भारत ने 22.61 लाख टन पाम तेल आयात किया। इसमें 22.39 लाख टन कच्चा पाम तेल, 8,000 टन RBD पामोलिन और 14,850 टन CPKO शामिल था। इंडोनेशिया से 22.36 लाख टन पाम तेल का आयात हुआ, जिसमें मुख्य रूप से 21.99 लाख टन कच्चा पाम तेल और 36,478 टन RBD पामोलिन शामिल था।

इसके अलावा थाईलैंड, ब्राजील, यूक्रेन, चीन, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य देशों से भी खाद्य तेल का आयात किया गया, जिससे भारत के आयात स्रोतों में विविधता बनी हुई है।

नेपाल से रिफाइंड तेल आयात भी महत्वपूर्ण

नेपाल से भारत को रिफाइंड तेल का निर्यात भी महत्वपूर्ण स्तर पर बना हुआ है। नवंबर 2025 से मई 2026 के दौरान नेपाल ने भारत को करीब 3.93 लाख टन रिफाइंड तेल निर्यात किया। इसमें 3.46 लाख टन रिफाइंड सोयाबीन तेल, 22,361 टन रिफाइंड सूरजमुखी तेल, 21,213 टन RBD पामोलिन और 3,536 टन रेपसीड तेल शामिल था।

जून 2026 में नेपाल से करीब 56,000 टन और जुलाई में लगभग 61,000 टन रिफाइंड तेल आयात होने का अनुमान है। इसमें मुख्य रूप से रिफाइंड सोयाबीन तेल के साथ सूरजमुखी तेल और RBD पामोलिन की छोटी मात्रा शामिल रही। SEA के अनुसार, SAFTA समझौते के तहत नेपाल से भारत को होने वाले निर्यात पर शून्य आयात शुल्क का लाभ मिलता है।

अगस्त की शुरुआत में खाद्य तेल का स्टॉक 20.19 लाख टन

1 अगस्त 2026 को विभिन्न बंदरगाहों पर खाद्य तेल का स्टॉक प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 11.31 लाख टन था। इसमें 3.57 लाख टन CPO और CPKO, 13,000 टन RBD पामोलिन, 4.03 लाख टन डीगम्ड सोयाबीन तेल और 3.58 लाख टन कच्चा सूरजमुखी तेल शामिल था। घरेलू उत्पादन और खपत को ध्यान में रखते हुए पाइपलाइन स्टॉक 8.88 लाख टन था। इस तरह 1 अगस्त को कुल खाद्य तेल स्टॉक 20.19 लाख टन रहा, जो 1 जुलाई के 20.11 लाख टन से 8,000 टन अधिक है।

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