एसएलसीएम के एआई और एमएल आधारित क्वालिटी एप के लिए यूरोपियन अनुदान

ऐग्री टेक्नोलॉजी और वेयरहाउसिंग सॉल्यूशंस कंपनी सोहन लाल कमॉडिटी मैनेजमेंट (SLCM) ने अपने खाद्यान्न एवं दालों की क्वालिटी एप्लीकेशन के विकास के लिए टेक्निकल असिस्टेंस फैसिलिटी ऑफ इनकोफिन agRIF फंड (agTAF) और स्मॉलहोल्डर सेफ्टी नैट अपस्केलिंग प्रोग्राम (SSNUP) से 1,25,901 यूरो (एक करोड़ 11 लाख रुपये)  का अनुदान प्राप्त किया है

एसएलसीएम के  एआई और एमएल आधारित क्वालिटी एप के लिए यूरोपियन अनुदान

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2021

नई दिल्ली स्थित ऐग्री टेक्नोलॉजी और वेयरहाउसिंग सॉल्यूशंस कंपनी सोहन लाल कमॉडिटी मैनेजमेंट (SLCM) ने अपने खाद्यान्न एवं दालों की क्वालिटी एप्लीकेशन के विकास के लिए टेक्निकल असिस्टेंस फैसिलिटी ऑफ इनकोफिन agRIF फंड (agTAF) और स्मॉलहोल्डर सेफ्टी नैट अपस्केलिंग प्रोग्राम (SSNUP) से 1,25,901 यूरो (एक करोड़ 11 लाख रुपये)  का अनुदान प्राप्त किया है।

वेयरहाउसिंग कंपनियों की श्रेणी में किसी भारतीय कंपनी द्वारा हासिल किया गया यह सबसे बड़ा और अपनी तरह का अकेला प्रतिष्ठित यूरोपियन तकनीकी सहायता अनुदान है।

इस अनुदान को पाने के लिए और भी कई वैश्विक उम्मीदवार थे। agTAF प्रक्रिया के मुताबिक, इसके लिए तीन स्तरीय चयन प्रक्रिया रखी गई थी जिसमें प्रारंभिक आंकड़े संकलन, प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए जांच और उच्चस्तरीय विशेषज्ञों वाली समिति द्वारा अनुमोदन शामिल होते हैं। 

agTAF समिति द्वारा सभी प्रस्तावों को चार कसौटियों पर परखा गया। वित्तीय एवं रणनीतिक प्रदर्शन बढ़ाने की क्षमता, सामाजिक, पर्यावरणीय प्रदर्शन और सुशासन, जोखिम का प्रबंधन व उसे कम करना और  आपातकालीन सहायता। इनके अंतर्गत यह समीक्षा की गई कि छोटे किसानों को बेहतर सेवाएं और अहम कार्यवाही योग्य सूचनाएं देकर उनकी पैदावार एवं गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में क्या काम किया गया। प्रमाणन प्रक्रिया के अनुपालन तथा निष्पक्ष कारोबार या अन्य ऑर्गेनिक बाजारों तक उनकी पहुंच को सुगम करने के लिए छोटे किसानों की क्षमता में कैसे इज़ाफा किया गया। जोखिम घटाने के लिए प्रबंधन में बेहतरी, जिसमें कृषि-ऋण योजना और अन्य कृषि मूल्य श्रृंखला फाइनेंसिंग मॉडल भी शामिल हों। साथ ही, संकट काल में अथवा अन्य अप्रत्याशित स्थितियों में काम जारी रखने के लिए आपात प्रतिक्रिया पैकेज का प्रावधान।

SSNUP समिति कृषि के महत्व से संबंधित विविध कसौटियों पर प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन करती है।  जिनमें मांग, छोटे किसानों से उन्हें जोड़े जाने की मापनीयता, संवहनीय कृषि विधियां, जेंडर संबंधी उपयोगिता और खाद्य सुरक्षा शामिल हैं। समिति यह भी जांच करती है कि कृषि मूल्य श्रृंखला में संगठन किस प्रकार शामिल है। वित्तीय एवं संस्थागत आत्मनिर्भरता, पर्यावरणीय, सामाजिक व गवर्नेंस (ईएसजी) व्यापारिक अभ्यास, कारोबारी सौदों को गहनता और विस्तार देने हेतु क्षमता व प्रतिबद्धता तथा कृषि जोखिम घटाने व समाधान स्थानांतरित करने के लिए परीक्षण या सुधार हेतु तैयारी। 

SLCM को अनुदान के लिए चुने जाने पर SSNUP चयन समिति ने अपने वक्तव्य में कहा, ’’हमारा मानना है कि यह बहुत दिलचस्प और अभिनव प्रस्ताव है जो SSNUP की कई प्राथमिकताओं को पूरा करता है। कृषि वेअरहाउस बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए यदि सूचना की विषमताओं को दूर करने व सौदों की लागत को कम करने में कामयाबी मिली तो न केवल छोटे किसानों को बल्कि समस्त मूल्य श्रृंखला को लाभ होगा और इस प्रकार पूरा ईकोसिस्टम बेहतर बनेगा।’’

विकास की प्रक्रिया में चल रहे प्रोजेक्ट पर भरोसा जताने के लिए एसएलसीएम के सीईओ संदीप सभरवाल ने agTAF और SSNUP को धन्यवाद देते हुए ने कहा, "पहले उद्योग 4.0 की शुरुआत कई अप्रत्याशित बदलाव आए और फिर 2019 के आखिर में वैश्विक कारोनावायरस महामारी से इन्हें और गति मिली। एक डिजिटाइज़्ड उपक्रम होने के नाते SLCM ग्रुप में हम कृषि उद्योग में अपने कार्यक्षेत्र में व्यापक स्तर पर डिजिटलीकरण के कार्य में अग्रदूत बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। एक और साहसिक कदम आगे बढ़ाते हुए हम इस AI एवं ML-ऐनेबल्ड ऐप को अपने उस लक्ष्य की दिशा में तैनात करेंगे जिसके तहत हम इलेक्ट्रॉनिकली कनेक्टिड कृषि मूल्य श्रृंखला तैयार करना चाहते हैं। 1,25,901 यूरो का यह अनुदान हमारे सतत प्रयासों की गवाही देता है जिनके जरिए हम अपने स्टेकहोल्डरों व ग्राहकों की आसानी के लिए प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण में लगे हैं तथा फसल कटाई के बाद भारतीय कृषि मूल्य श्रृंखला को आधुनिक बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हम अपने निवेशकों, कारोबारी भागीदारों व ग्राहकों को धन्यवाद देते हैं की उन्होंने एसएलसीएम के डिजिटल उत्पादों व समाधानों पर अपना भरोसा लगातार बनाए रखा है।’’

2009 में स्थापित एसएलसीएम ग्रुप भारत व म्यांमार में टेक्नोलॉजी  से चलने वाली वेअरहाउसिंग सेवाएं देता है जैसे कि कृषि कमॉडिटीज़ का वैज्ञानिक भंडारण, फ्यूमिगेशन, परीक्षण व प्रमाणन और भंडारण रसीद पर वित्तीय मदद। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क 7,088 वेअरहाउस का है और बीते तीन वर्षों में किसानधन यूनिट के जरिए इन्होंने रु. 2,307.04 करोड़ के ऋण वितरित किए हैं। यह कंपनी अपनी सेवाएं किसानों, संसाधकों, कारोबारियों और कमॉडिटी एक्सचेंजों को देती है।  

एसएलसीएम क्वालिटी ऐपः अपनी तरह का पहला ’मेड इन इंडिया’ समाधान
स्मार्टफोन व टैबलेट पीसी जैसे उपकरणों पर डाउनलोडिंग के लिए उपलब्ध रहने वाला यह ऐप कारोबारी या किसान को इस काबिल बनाएगा की वह गुणवत्ता जांच हेतु फसल के बीजों को स्कैन कर सके। यह ऐप विविध खाद्यान्नों व दालों जैसे गेहूं, चावल, चना, ग्वार, मूंग व तूर की किस्मों को अनेक क्वालिटी पैरामीटरों पर जांचने में सक्षम होगा। प्रयोगशाला परिणामों के मुकाबले मिनटों में 90 प्रतिशत सटीकता के साथ यह ऐप अपना काम करेगा। परिणामों की तुलना बैक-ऐंड  सिस्टम पर पहले से दर्ज डाटा के साथ की जाती है जो रियल टाइम बेसिस पर पायथॉन प्रोग्रामिंग के साथ मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करते हुए खुद को नियमित रूप से अपडेट कर सकता है।