मध्य प्रदेश में सरसों भावांतर और तुअर की 100% खरीद को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की हरी झंडी

बैठक में मध्यप्रदेश में सरसों की खरीद से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरसों की खरीद के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस निर्णय से सरसों उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी।

मध्य प्रदेश में सरसों भावांतर और तुअर की 100% खरीद को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की हरी झंडी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में मुलाकात की। दोनों के बीच राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस चर्चा में भावांतर योजना, दलहन-तिलहन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और ग्रामीण सड़कों सहित अनेक विषयों पर मध्यप्रदेश को बड़ी राहत देने वाले निर्णय लिए गए।

सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान को स्वीकृति

बैठक में मध्यप्रदेश में सरसों की खरीद से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरसों की खरीद के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस निर्णय से सरसों उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी।

तुअर की शत-प्रतिशत खरीद का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा

चौहान ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत खरीद से संबंधित स्वीकृति पत्र भी सौंपा। इस निर्णय के बाद तुअर उगाने वाले मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी उपज का पूर्ण सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे उन्हें बाजार में भाव गिरने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा और आय में स्थिरता आएगी।

किसान कल्याण वर्ष में मध्यप्रदेश को विशेष प्राथमिकता

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इस संदर्भ में मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य को केंद्र सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है। किसान कल्याण वर्ष में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरसों, तुअर, मूंग, उड़द और तिलहनों की खेती करने वाले किसानों को हरसंभव सहायता मिले और राज्य ग्रामीण विकास के हर पैमाने पर अग्रणी रहे।

बैठक में मध्यप्रदेश को दलहन-तिलहन उत्पादन का इंजन बनाने के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और राज्य सरकार की संयुक्त टीम से कहा कि वे अगले कुछ दिनों में मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और ऑयल पाम आदि फसलों के लिए फसल-वार रणनीति बनाकर पेश करें, ताकि राज्य में फसल विविधीकरण और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सके।

फसल बीमा में किसानों के हित में तकनीकी सुधार के निर्देश

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मध्यप्रदेश के अनुभवों को देखते हुए शिवराज सिंह चौहान ने तकनीकी सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोयाबीन जैसी फसलों के लिए केवल सैटेलाइट आधारित आकलन पर निर्भर न रहकर क्रॉप कटिंग प्रयोग और रिमोट सेंसिंग दोनों को मिलाकर वास्तविक उपज का आकलन किया जाए, ताकि किसानों के दावे सही बनें और भुगतान में किसी तरह की कटौती न हो।

मनरेगा से विकसित भारत - जी राम जी में सुचारु विकास पर जोर

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने मनरेगा से विकसित भारत - जी राम जी कार्यक्रम में सुचारू विकास के लिए मध्यप्रदेश की विशेष भूमिका रेखांकित की। उन्होंने राज्य से कहा कि ई–KYC, जॉब कार्ड की शुद्धता, सोशल ऑडिट की समय पर रिपोर्ट और लंबित ATR को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि जी राम जी के तहत गांवों में जल संरक्षण, अधोसंरचना और आजीविका के कार्य बिना किसी बाधा के तेज़ी से आगे बढ़ सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पर चर्चा के दौरान यह तय हुआ कि मध्यप्रदेश में 2018 की आवास प्लस सूची के सभी पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पक्का घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर मिलकर काम किया जाएगा। डुप्लीकेट जॉब कार्ड और डेटा एंट्री से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए विशेष मॉड्यूल के माध्यम से समाधान करने और राज्य द्वारा शुद्धिकरण पूरा करने के बाद शेष पात्र परिवारों को भी आवास स्वीकृत करने पर सहमति बनी।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण सड़कों की मोटाई और चौड़ाई के मानकों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। चौहान ने संकेत दिया कि भारी यातायात और खनन क्षेत्रों में अधिक मजबूत सड़क संरचना की राज्य की मांग को तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तरों पर सहानुभूतिपूर्वक देखा जाएगा, ताकि गांवों को टिकाऊ और सुरक्षित सड़क संपर्क मिल सके।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की समीक्षा के दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि राज्य ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को तेजी से विस्तार दे, ताकि केंद्र से प्राप्त धनराशि का पूरा उपयोग हो और गांवों में सूक्ष्म उद्यम, प्रोसेसिंग इकाइयाँ और अन्य रोज़गारमूलक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ सकें।

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