हरियाणा में मधुमक्खी पालन को मिला बीमा सुरक्षा का कवच, 50 रुपये में मिलेगा कवर

हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल कर लिया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाढ़, आग, परिवहन के दौरान दुर्घटना और मधुमक्खियों में महामारी से होने वाले नुकसान पर बीमा सुरक्षा मिलेगी।

हरियाणा में मधुमक्खी पालन को मिला बीमा सुरक्षा का कवच, 50 रुपये में मिलेगा कवर

हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जुड़े किसानों और उद्यमियों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए इसे मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया है। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह जानकारी दी।

मंत्री श्याम सिंह राणा के अनुसार, इस फैसले से प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से होने वाले नुकसान की स्थिति में मधुमक्खी पालकों को आर्थिक राहत मिलेगी। योजना के तहत बाढ़ में मधुमक्खी के बक्सों और कॉलोनियों के डूबने, आग लगने से इनके नष्ट होने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटना में हुए नुकसान को कवर किया जाएगा। हालांकि, परिवहन के दौरान दुर्घटना हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर हुई होनी चाहिए और इस संबंध में आधिकारिक एफआईआर या डीडीआर दर्ज होना आवश्यक है। मधुमक्खियों में महामारी के कारण होने वाले नुकसान पर भी मुआवजे का प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत प्रति मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और बक्सों के लिए बीमा का प्रावधान किया गया है। बीमा शुल्क प्रति कॉलोनी 50 रुपये और प्रति बॉक्स 50 रुपये निर्धारित किया गया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बीमा राशि प्रति कॉलोनी 1,250 रुपये और प्रति बॉक्स 1,250 रुपये होगी। अधिकतम बीमा राशि प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स 3,12,500 रुपये तक निर्धारित की गई है।

पंजीकरण अनिवार्य

इस योजना का लाभ लेने के लिए मधुमक्खी पालकों को 'भावांतर भरपाई योजना-शहद' के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर भावांतर भरपाई योजना का यूनिट नंबर देना भी जरूरी है। सरकार ने मधुमक्खी पालकों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। योजना की पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी के लिए मधुमक्खी पालक अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, उद्यान विभाग, हरियाणा के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

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