सरकार ने प्याज का खरीद मूल्य बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल किया, मौजूदा सीजन में छठी बढ़ोतरी

केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज के खरीद मूल्य में एक बार फिर बढ़ोतरी की है। अब इसे 2,175 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। नई खरीद कीमत 30 जुलाई से प्रभावी है।

सरकार ने प्याज का खरीद मूल्य बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल किया, मौजूदा सीजन में छठी बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज के खरीद मूल्य में एक बार फिर बढ़ोतरी की है। अब इसे 2,175 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। नई खरीद कीमत 30 जुलाई से प्रभावी है। मौजूदा सीजन में यह छठी बढ़ोतरी है। सरकार की तरफ से प्याज खरीद का जिम्मा दो एजेंसियों- नाफेड (NAFED) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) को मिला हुआ है।
 
हालांकि दाम बढ़ाने के साथ क्वालिटी में दी गई ढील समाप्त कर दी गई है। अब सिर्फ ए-ग्रेड की प्याज ही सरकारी एजेंसियां खरीदेंगी। इन एजेंसियों को 2026-27 के लिए दो लाख टन बफर स्टॉक का लक्ष्य दिया गया है। हालांकि अभी तक उन्होंने एक लाख टन से कुछ अधिक प्याज की ही खरीद की है। नासिक जिले में नाफेड के 30 और एनसीसीएफ ने 27 केंद्रों पर खरीद हो रही है।
 
छोटे किसानों को फायदा नहीं
 
महाराष्ट्र प्याज उत्पादक किसान संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले ने रूरल वॉयस से कहा कि इस मूल्य वृद्धि का छोटे किसानों को फायदा नहीं होगा। छोटे किसानों के पास प्याज स्टोरेज की क्षमता नहीं होती, इसलिए उन्होंने तो सीजन की शुरूआत में ही कौड़ियों के भाव अपनी फसल बेच दी। खरीद मूल्य बढ़ाने का फायदा उन किसानों को होगा जो पहले ही आर्थिक रूप से समृद्ध हैं, जिनके पास कई माह तक स्टोरेज की क्षमता है।
 
दिघोले का कहना है कि सरकार को सीजन की शुरूआत में ही लागत के आधार पर खरीद मूल्य की घोषणा कर देनी चाहिए। दिघोले के अनुसार यह कम से कम 3,000 रुपये प्रति क्विंटल होनी चाहिए। 
 
दिघोले ने एक गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अभी जो लोग प्याज बेच रहे हैं वे या तो बड़े और समृद्ध किसान हैं या फिर वे सिर्फ कागजी किसान हैं। उन्होंने कागज पर खुद को किसान घोषित कर रखा है। सीजन शुरू होने पर वे छोटे किसानों से उनकी उपज खरीद कर रख लेते हैं और बाद में ऊंचे दाम पर बेचते हैं। उनका दावा है कि नासिक जिले के किसी भी गांव में 50 किसान भी नहीं मिलेंगे जो इन दिनों अपनी उपजाई हुई फसल बेच रहे हैं।
 
मंडी में ए-ग्रेड प्याज 3600 रुपये क्विंटल
 
नासिक जिला स्थित लासलगांव मंडी के सचिव नरेंद्र वाधवाने ने रूरल वॉयस को बताया कि सरकारी एजेंसियां मंडी में प्याज नहीं खरीद रही हैं। इसके लिए उन्होंने अलग केंद्र बनाए हैं। नाफेड और एनसीसीएफ ने जिन एजेंसियों को खरीद का जिम्मा दिया है, उनके सदस्य किसान ही उन केंद्रों पर जा रहे हैं।
 
वाधवाने ने बताया कि अभी मंडी में किसान रोजाना 25 से 30 हजार क्विंटल प्याज लेकर आ रहे हैं। औसत दाम 2,100 से 2,200 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहा है। ए ग्रेड का प्याज 3,600 रुपये क्विंटल तक बिक रहा है।

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