सरकार ने कीटनाशक विधेयक का मसौदा जारी किया, जनता से मांगे सुझाव
सरकार का कहना है कि नए कीटनाशक विधेयक का उद्देश्य किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा जारी करते हुए इस पर जनता से प्रतिक्रिया मांगी है। यह विधेयक 57 साल पुराने कीटनाशक अधिनियम, 1968 और कीटनाशक नियम, 1971 की जगह लेगा।
कृषि मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विधेयक का उद्देश्य किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है, जिससे जीवन सुगमता और व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिल सके। संसद में पेश किए जाने से पहले विधेयक के मसौदे पर 4 फरवरी, 2026 तक सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।
सरकारी बयान के अनुसार, नए विधेयक में नकली और अमानक कीटनाशकों पर नियंत्रण के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित कानून को किसान-केंद्रित बताते हुए मंत्रालय ने कहा है कि इसमें पारदर्शिता और ट्रेसबिलिटी जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, कीटनाशकों के बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए भी संशोधन किए गए हैं। कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा मंत्रालय की वेबसाइट https://agriwelfare.gov.in पर उपलब्ध है।
विधेयक में परीक्षण प्रयोगशालाओं के अनिवार्य प्रत्यायन का भी प्रावधान किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध हों। विधेयक का मुख्य उद्देश्य तकनीक और डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से नकली और घटिया कीटनाशकों पर सख्त नियंत्रण करना है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट उपलब्ध होंगे और उनकी आजीविका पर पड़ने वाले जोखिम कम होंगे।

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