USDA आउटलुक: वैश्विक गेहूं, चावल और मोटे अनाज उत्पादन घटने का अंदेशा, भारत में गेहूं-चावल की स्थिति मजबूत
USDA के अगस्त 2026 के अनुमान के अनुसार 2026-27 में वैश्विक गेहूं, चावल और मोटे अनाज उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आने का अनुमान है, जबकि तिलहन उत्पादन बढ़ सकता है। भारत का गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 12.1 करोड़ टन, चावल 15 करोड़ टन और मोटे अनाज 7.13 करोड़ टन रहने का अनुमान है। कपास उत्पादन 240 लाख गांठ (480 पाउंड) रह सकता है।
वैश्विक कृषि उत्पादन पर 2026-27 में दबाव बने रहने की संभावना है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की फॉरेन एग्रीकल्चरल सर्विस (FAS) के ताजा अनुमान के अनुसार, 2026-27 में गेहूं, मोटे अनाज और कपास का वैश्विक उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में घटने का अनुमान है, जबकि तिलहन उत्पादन बढ़ सकता है। इस वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत में गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 12.1 करोड़ टन, चावल उत्पादन 15 करोड़ टन और मोटे अनाज का उत्पादन 7.13 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
गेहूं: वैश्विक उत्पादन घटा, भारत का अनुमान 12.1 करोड़ टन पर बरकरार
USDA की अगस्त 2026 की विश्व कृषि उत्पादन रिपोर्ट के मुताबिक 2026-27 में वैश्विक गेहूं उत्पादन 81.93 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो जुलाई के 81.997 करोड़ टन के अनुमान से थोड़ा कम और 2025-26 के 84.335 करोड़ टन से 2.85 फीसदी कम है। कई प्रमुख उत्पादक देशों में उत्पादन की संभावनाएं कमजोर हुई हैं। यूरोपीय संघ में गेहूं उत्पादन का अनुमान घटाकर 13.42 करोड़ टन कर दिया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 7.5 फीसदी कम है। पश्चिमी यूरोप में लंबे समय तक जारी गर्म और शुष्क मौसम से पैदावार प्रभावित हुई है। ब्राजील में गेहूं उत्पादन 61 लाख टन और ऑस्ट्रेलिया में 2.8 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
इसके विपरीत, भारत वैश्विक गेहूं परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक बना हुआ है। USDA ने भारत का गेहूं उत्पादन अनुमान 12.1 करोड़ टन पर बरकरार रखा है। यह जुलाई के अनुमान के बराबर और 2025-26 के 11.795 करोड़ टन से 2.59 फीसदी अधिक है। भारत में गेहूं की उत्पादकता 3.61 टन प्रति हेक्टेयर और रकबा 3.35 करोड़ हेक्टेयर रहने का अनुमान है।
चावल: वैश्विक उत्पादन स्थिर, भारत की महत्वपूर्ण भूमिका
2026-27 में वैश्विक मिल्ड राइस उत्पादन 53.73 करोड़ टन रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह जुलाई के 53.72 करोड़ टन के अनुमान के लगभग बराबर है, लेकिन 2025-26 के 54.55 करोड़ टन के अनुमान से कम है। वैश्विक चावल आपूर्ति में भारत की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
भारत में चावल उत्पादन 15 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले महीने के अनुमान के बराबर है। हालांकि यह 2025-26 के 15.4 करोड़ टन के अनुमान से थोड़ा कम है। भारत दुनिया के प्रमुख चावल उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है।
मोटे अनाज: वैश्विक उत्पादन घटा, भारत में भी गिरावट
मक्का, जौ, ज्वार, बाजरा, जई, राई समेत मोटे अनाज का वैश्विक उत्पादन 2026-27 में 159.30 करोड़ टन रहने का अनुमान है। यह जुलाई के अनुमान से थोड़ा अधिक है, लेकिन 2025-26 के 162.80 करोड़ टन से 2.15 फीसदी कम है। यूरोपीय संघ में मक्का उत्पादन में बड़ी कटौती इसका प्रमुख कारण है। वहां मक्का उत्पादन केवल 5.02 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो 2007-08 के बाद सबसे कम होगा। लंबे समय तक गर्म और शुष्क मौसम ने फसल को प्रभावित किया है।
भारत में मोटे अनाज का उत्पादन 7.13 करोड़ टन रह सकता है और यह जुलाई के अनुमान के बराबर है, लेकिन 2025-26 के 7.46 करोड़ टन से 4.42 फीसदी कम है। अकेले मक्का उत्पादन 5.2 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 5.509 करोड़ टन से 5.61 फीसदी कम है।
तिलहन: वैश्विक उत्पादन बढ़ेगा, भारत का उत्पादन करीब 4.3 करोड़ टन
मोटे अनाज के विपरीत वैश्विक तिलहन उत्पादन में बढ़ोतरी का अनुमान है। USDA ने 2026-27 के लिए वैश्विक तिलहन उत्पादन 72.10 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है, जो जुलाई के अनुमान से थोड़ा अधिक और 2025-26 के 70.06 करोड़ टन से करीब 2.9 फीसदी ज्यादा है। ब्राजील, अर्जेंटीना और कनाडा जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में उत्पादन बढ़ने की संभावना है। कनाडा का रेपसीड उत्पादन रिकॉर्ड 2.25 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
भारत में कुल तिलहन उत्पादन 2026-27 में करीब 4.3 करोड़ टन रह सकता है। भारत वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण तिलहन उत्पादक है, हालांकि ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों की तुलना में उसका उत्पादन कम है।
कपास: वैश्विक उत्पादन घटेगा, भारत का उत्पादन स्थिर
2026-27 में वैश्विक कपास उत्पादन 480 पाउंड वाले 11.763 करोड़ गांठ रहने का अनुमान है। यह जुलाई के अनुमान से थोड़ा अधिक है, लेकिन 2025-26 के अनुमान से 3.55 फीसदी कम है। चीन का कपास उत्पादन 3.35 करोड़ गांठ और ब्राजील का 1.825 करोड़ गांठ रहने का अनुमान है।
भारत में कपास उत्पादन 2.4 करोड़ गांठ रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह जुलाई के अनुमान के बराबर और पिछले साल के मुकाबले 0.84 फीसदी अधिक है। भारत में कपास का रकबा 1.15 करोड़ हेक्टेयर और उत्पादकता 454 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है।

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