कृभको को 825 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ, 46वीं एजीएम में 20 प्रतिशत लाभांश की घोषणा
कृभको ने वित्त वर्ष 2025-26 में 824.68 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। बीते वर्ष इसके टर्नओवर में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
देश की प्रमुख उर्वरक उत्पादक सहकारी संस्थाओं में से एक, कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 824.68 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। बीते वर्ष इसके टर्नओवर में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सोसायटी ने वर्ष के लिए अपनी सदस्य सहकारी समितियों के लिए 20 प्रतिशत लाभांश घोषित किया है।
सोसायटी के वार्षिक लेखों को 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 46वीं वार्षिक आम सभा (एजीएम) में अनुमोदित किया गया। बैठक की अध्यक्षता कृभको के चेयरमैन वी. सुधाकर चौधरी ने की। बैठक में निदेशक मंडल के सदस्यों की उपस्थिति रही तथा देशभर की विभिन्न सदस्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वित्त वर्ष 2025-26 में कृभको ने उत्पादन के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यूरिया का उत्पादन 21.34 लाख मीट्रिक टन तथा अमोनिया का उत्पादन 12.39 लाख मीट्रिक टन रहा, जिसमें क्रमशः 97.26 प्रतिशत और 99.36 प्रतिशत क्षमता उपयोग प्राप्त किया गया।
किसानों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृभको ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इसमें नीम कोटेड यूरिया के अतिरिक्त आयातित डीएपी, एमएपी, एमओपी, कॉम्प्लेक्स उर्वरक, जैव उर्वरक, कम्पोस्ट, प्रमाणित बीज, हाइब्रिड बीज, एसएसपी, जिंक सल्फेट, नेचुरल पोटाश, माइकोराइजा तथा सीवीड फोर्टिफाइड बायो-स्टिमुलेंट्स शामिल हैं। वर्ष के दौरान कृभको ने यूरिया एवं पीएंडके उर्वरकों सहित कुल 45.37 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की बिक्री की।
कृभको के प्रबंध निदेशक एस.एस. यादव ने उपस्थित प्रतिनिधियों को कृभको एवं इसकी सहायक कंपनियों द्वारा उत्पादन और परिचालन दक्षता के उच्च मानकों को निरंतर बनाए रखने के संबंध में जानकारी दी।

गुजरात के शंकरभाई चौधरी को कृभको सहकारिता शिरोमणि पुरस्कार दिया गया।
कृभको की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कृभको फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (केएफएल) ने 11.02 लाख मीट्रिक टन यूरिया तथा 6.68 लाख मीट्रिक टन अमोनिया का उत्पादन किया और क्रमशः 127.48 प्रतिशत तथा 133.16 प्रतिशत क्षमता उपयोग हासिल किया। केएफएल ने वर्ष के लिए 14.40 करोड़ रुपये का लाभांश घोषित किया।
कृभको की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कृभको एग्री बिजनेस लिमिटेड (केएबीएल) भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। केएबीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1,919.35 करोड़ रुपये का कारोबार किया। घरेलू व्यवसाय में उल्लेखनीय विस्तार से इस वृद्धि को बल मिला, जिसमें 1,436.81 करोड़ का योगदान रहा, जबकि निर्यात 482.54 करोड़ रुपये का रहा।
कृभको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (केजीईपीएल) गुजरात के हजीरा तथा आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में दो संयंत्रों का निर्माण कर रही है, जिनके वित्त वर्ष 2026-27 में परिचालन शुरू होने की संभावना है।
भारत सरकार के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप कृभको सहकारी क्षेत्र में बीज एवं निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृभको भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) की प्रमुख प्रवर्तक तथा नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (भारत टैक्सी) की संयुक्त प्रवर्तक है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कृभको को एफएआई, पीआरएसआई तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा कई पुरस्कार प्रदान किए गए।

मध्य प्रदेश के भगवान सिंह यादव को कृभको सहकारिता विभूषण पुरस्कार प्रदान किया गया।
वार्षिक आम सभा के दौरान कृभको ने भारत के सहकारी आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो प्रतिष्ठित सहकारिता व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया। गुजरात के शंकरभाई चौधरी को कृभको “सहकारिता शिरोमणि पुरस्कार” तथा मध्य प्रदेश के भगवान सिंह यादव को कृभको “सहकारिता विभूषण पुरस्कार” प्रदान किया गया।

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