तकनीक के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य, लीड्स कनेक्ट ने सिग्मा पायलट किया लॉन्च

पायलट अध्ययन के लिए एक फील्ड एप और प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए बरेली के दो गांवों से 150 किसानों को लिया जाएगा। प्रत्येक खेत और किसान के कृषि क्रेडिट स्कोर की गणना करने के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर बीज, उर्वरकों और कीटनाशकों का वितरण किया जाएगा

तकनीक के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य, लीड्स कनेक्ट ने सिग्मा पायलट किया लॉन्च

उत्तर प्रदेश के बरेली के टुलिया गांव में किसानों के हित में नोएडा की कृषि तकनीक कंपनी लीड्स कनेक्ट सर्विसेज ने सिग्मा अध्ययन की लॉन्चिंग की। किसानों को कृषि तकनीक विश्लेषण आधारित सेवाएं देने के लिए निर्बाध डिजिटल कार्यान्वयन और जमीनी निगरानी मंच (सिग्मा) परियोजना की लॉन्चिंग सांसद संतोष गंगवार ने की। इस मौके पर टुलिया और जोगिथेर गांव के किसानों को टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने और तकनीक के हस्तक्षेप पर सलाह दी गई। किसानों में जागरूकता लाने के लिए कार्यक्रम में किसान ड्रोन और उर्वरकों के छिड़काव का प्रदर्शन भी किया गया।

लीड्स कनेक्ट बरेली में इस कार्यक्रम का पायलट अध्ययन करेगी क्योंकि इस शहर में एक प्रमुख मार्केट लिंकेज केंद्र बनने की क्षमता है। सिग्मा अध्ययन का लक्ष्य बासमती चावल, गेहूं और सरसों जैसी ज्यादा कीमत और अच्छी गुणवत्ता वाली फसलों के लिए क्षेत्रों को चिह्नित करना और उन्हें विकसित करना है। इसके अतिरिक्त खेती की टिकाऊ विधियों और तकनीक की दखल से किसानों की आय दोगुनी करना भी लक्ष्य है। यह अध्ययन चार ऋतुओं में किया जाएगा, जिसकी शुरुआत खरीफ 2022-23 (जून 2022) से होगी और अंत रबी 2023-24 (अप्रैल 2024) में होगा।

पायलट अध्ययन के लिए एक फील्ड एप और प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए बरेली के इन दो गांवों से 150 किसानों को लिया जाएगा। प्रत्येक खेत और किसान के कृषि क्रेडिट स्कोर (एसीएस) की गणना करने के बाद विशेषज्ञों की सलाह पर बीज, उर्वरकों और कीटनाशकों का वितरण किया जाएगा। फसल चक्र के दौरान सीटू द्वारा रियल-टाइम निगरानी की जाएगी और यह वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी। शोध से मिले परिणामों का उपयोग पूरे उत्तर प्रदेश में मॉडल विकसित करने और उन्हें लागू करने में किया जाएगा।

इस मौके पर मुख्य अतिथि और सांसद संतोष गंगवार ने कहा, ''तकनीक और आंकड़ों का सही उपयोग किया जाए तो किसानों की आय बढ़ाने में मदद की जा सकती है। इससे उपभोक्ता को बेहतर वैल्यू मिलेगी और भोजन की बरबादी भी कम होगी। मैं ऐसा उन्नत तकनीक सिस्टम तैयार करने के लिए लीड्स कनेक्ट सर्विसेज की पूरी टीम को बधाई देना चाहता हूं जिससे कृषि प्रक्रिया बेहतर करने में मदद मिल सकती है और किसानों को उनके उत्पाद की अधिकतम कीमत लेने में मदद कर सकती है।''

पायलट की लॉन्चिंग के मौके पर लीड्स कनेक्ट सर्विसेज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक नवनीत रविकर ने कहा, ''इस अध्ययन से किसानों को सिर्फ एक क्लिक से यह महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी कि कौन सी फसल और उसकी किस्म बोने के लिए उपयुक्त है। किसान खेती की रियल-टाइम गणना करने में सक्षम हो सकेंगे, अनुमान लगा सकेंगे और पैदावार बढ़ाने के लिए पूरे फसल चक्र के दौरान बेहतर प्रयास कर सकेंगे। हम फसलों की सेहत, उर्वरकों/कीटनाशकों के छिड़काव और फसल नुकसान के लिए किसानों को ड्रोन एनालिटिक्स एज ए सर्विस (DraaS) भी दे रहे हैं। पायलट अध्ययन किसानों की अभी तक की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक, मार्केट लिंकेज का भी समाधान करता है।''

लीड्स कनेक्ट महालनोबिस नेशनल क्रॉप फोरकास्ट सेंटर, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी और पैदावार आकलन से संबंधित शोध आधारित परियोजनाओं के लिए इरिगेशन एंड वाटरवेज डिपार्टमेंट, पश्चिम बंगाल, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को मापने और बाढ़ संभावित क्षेत्र को हटाने के लिए क्रॉप कटिंग एक्सपेरीमेंट्स जैसी नोडल एजेंसियों के साथ काम कर रहा है। लीड्स कनेक्ट मुख्य रूप से कृषि-तकनीक पर फोकस वाली एक विश्लेषण कंपनी है जो डाटा विश्लेषण और मॉडलिंग, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय सेवाओं का काम करती है।