कैबिनेट ने 2025-26 सीजन के लिए कच्चे जूट के एमएसपी में 315 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने विपणन सीजन 2025-26 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 315 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर इसे 5650 रुपये प्रति क्विंवटल तय किया है

कैबिनेट ने 2025-26 सीजन के लिए कच्चे जूट के एमएसपी में 315 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने विपणन सीजन 2025-26 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 315 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर इसे 5650 रुपये प्रति क्विंवटल तय किया है। बुधवार को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) में यह फैसला लिया गया। 2025-26 सीज़न के लिए कच्चे जूट (टीडी-3 श्रेणी) का एमएसपी, 5650 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

सरकार द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि विपणन सीजन 2025-26 के लिए जूट का एमएसपी इसके पहले सीजन 2024-25 के मुकाबले 315 रुपये प्रति क्विंवटल अधिक है। 

देश में 40 लाख किसान परिवारों की आजीविका जूट उद्योग पर निर्भर है और करीब चार लाख श्रमिक जूट मिलों  व जूट कारोबार में प्रत्यक्ष रूप से रोजगार पाते हैं। जूट के 82 फीसदी किसान पश्चिम बंगाल में हैं और असम व बिहार में नौ-नौ लाख किसान जूट उत्पादन करते हैं। पिछले साल 1.70 लाख किसानों से जूट की खरीद की गई थी। भारतीय पटसन निगम (जेसीआई) एमएसपी पर जूट की खरीद के लिए केंद्र की खरीद एजेंसी के रूप में काम करना जारी रखेगा। एमएसपी खरीद में निगम को होने वाले किसी भी नुकसान की प्रतिपूर्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।  

Subscribe Rural Voice Newsletter