गुजरात के चार जिले सूखाग्रस्त घोषित, किसानों के लिए राहत पैकेज का ऐलान
गुजरात ने कम बारिश के कारण देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ को सूखाग्रस्त घोषित किया है। एक नवंबर से लागू राहत पैकेज के तहत किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता, पशुओं के लिए चारा सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों में 150 दिन का रोजगार मिलेगा। सरकार सिंचाई और पेयजल आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।
गुजरात सरकार ने कम बारिश के कारण देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ को सूखाग्रस्त घोषित किया है। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को आर्थिक सहायता, पशुओं के लिए रियायती दरों पर चारा और ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने सहित कई राहत उपायों की घोषणा की है। ये उपाय 1 नवंबर, 2026 से लागू होंगे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कृषि मंत्री जीतू वाघाणी की मौजूदगी में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस सीजन में गुजरात में कुल मिलाकर सामान्य बारिश के लगभग 89% वर्षा हुई है, लेकिन इन चार जिलों में बारिश काफी कम होने के कारण कृषि गतिविधियां और किसानों की आजीविका प्रभावित हुई हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 15 अक्टूबर तक देवभूमि द्वारका में पिछले 30 वर्षों के औसत के मुकाबले बारिश में 83.5% की कमी दर्ज की गई। पोरबंदर में यह कमी 69.1%, जामनगर में 56.7% और कच्छ में 42.4% रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने से पहले केंद्र सरकार की सूखा प्रबंधन नियमावली, 2016 के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
राहत पैकेज के तहत किसानों को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानकों के अनुसार फसल नुकसान की भरपाई के लिए प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये की सहायता दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक सीमित होगी।
पशुधन को राहत देने के लिए सूखाग्रस्त घोषित तालुकाओं में पशु शिविरों में रखे गए पशुओं के लिए दो महीने तक 80 रुपये प्रति पशु प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। इस सहायता का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
सरकार के अनुसार, गुजरात में अब तक लगभग 1.21 करोड़ किलोग्राम चारा 2 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर वितरित किया जा चुका है। राज्य के पास फिलहाल तीन करोड़ किलोग्राम चारे का भंडार है और अतिरिक्त चारे की खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार ने सूखा घोषित होने से पहले ही जून-जुलाई 2026 में राज्यभर में रियायती दरों पर चारा वितरण की मंजूरी दे दी थी।
ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुनिश्चित करने के लिए सूखाग्रस्त तालुकाओं में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी VB-G RAM-G योजना के तहत 150 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
जल प्रबंधन के तहत गुजरात के 206 प्रमुख बांधों में उनकी कुल क्षमता का 66% जल भंडारण दर्ज किया गया है। सरकार आगामी रबी सीजन में 76 बांधों के कमांड क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। इसके साथ ही 30 जून, 2027 तक पेयजल की जरूरतें पूरी करने के लिए जल भंडार सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दी जाएगी। उपलब्ध पानी के आधार पर निर्धारित कमांड क्षेत्रों में एक से चार चरणों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा।

Join the RuralVoice whatsapp group



















