महाराष्ट्रः सूखाग्रस्त किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान करने पर फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ दर्ज होंगे केस

महाराष्ट्र में सूखाग्रस्त किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान करने वाले फाइनेंस कंपनियों के कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने चारा आपूर्ति, गाद निकालने पर सब्सिडी और ग्रामीण पेयजल योजनाओं को बहाल करने के उपायों की भी घोषणा की है।

महाराष्ट्रः सूखाग्रस्त किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान करने पर फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ दर्ज होंगे केस
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले

महाराष्ट्र सरकार सूखे से प्रभावित किसानों को कर्ज चुकाने के लिए परेशान करने वाले फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों और वसूली एजेंटों के खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज कराएगी। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नांदेड़ में हुई एक घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह निर्देश दिया है।

राज्य मंत्रिमंडल की सूखा राहत उपसमिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में बावनकुले ने किसानों और ग्रामीण समुदायों को राहत देने के लिए उठाए गए कई कदमों की जानकारी दी। इस समिति की अध्यक्षता वह स्वयं कर रहे हैं।

बैठक में सूखाग्रस्त 304 तालुका में चारे की खरीद और उत्पादन की निगरानी के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकार देने का फैसला किया गया। संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सूखा चारा 12 रुपये प्रति किलोग्राम और हरा चारा 8 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति चारे की खरीद, स्थानीय स्तर पर उत्पादन और दूसरे जिलों से इसकी आपूर्ति की व्यवस्था करेगी।

जिला योजना समिति (DPC) के कोष से वन, राजस्व और जल संसाधन विभागों की जमीन पर चारा उगाया जाएगा। सिंधुदुर्ग और रत्नागिरि जिलों में उपलब्ध अतिरिक्त चारा भी सूखाग्रस्त क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

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सरकार ने झीलों और बांधों से गाद निकालने तथा उसे कृषि भूमि तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। गाद निकालने पर 31 रुपये प्रति घन मीटर और उसके परिवहन पर 35 रुपये प्रति घन मीटर की सब्सिडी दी जाएगी। सड़क निर्माण के लिए झीलों से निकाली जाने वाली मिट्टी, मुरुम और बजरी पर रॉयल्टी भी माफ की जाएगी।

बावनकुले के अनुसार, पुणे जिले के हवेली, मावल और मुलशी, कोल्हापुर जिले के हातकणंगले तथा कोंकण के कुछ क्षेत्रों को भी सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग आई है। इन क्षेत्रों को सूची में शामिल करने पर अंतिम निर्णय अगली मंगलवार की बैठक में जिला कलेक्टरों की रिपोर्ट मिलने के बाद लिया जाएगा।

 

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