हैटसन एग्रो ने ओडिशा सरकार और एसबीआई के साथ शुरू की गो-धन पहल, 6,000 डेयरी किसानों को होगा लाभ
हैटसन एग्रो प्रोडक्ट ने ओडिशा सरकार और भारतीय स्टेट बैंक के साथ मिलकर ‘गो-धन’ पहल शुरू की है। इसका लक्ष्य तीन वर्षों में 15 जिलों के 6,000 डेयरी किसानों को संस्थागत वित्त, सरकारी सब्सिडी, आधुनिक डेयरी तकनीक और बेहतर पशुपालन सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
हैटसन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड (HAPL) ने ओडिशा सरकार और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ साझेदारी में ‘गो-धन’ पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य राज्य के डेयरी किसानों को वित्तीय सहायता, सरकारी योजनाओं, तकनीक और आधुनिक डेयरी प्रथाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराकर डेयरी क्षेत्र को मजबूत करना है।
इस पहल से 15 जिलों के 6,000 डेयरी किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसे अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को डेयरी फार्म स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार में सहायता देना है।
‘गो-धन’ के तहत किसानों को संस्थागत वित्त और सरकारी सहायता तक पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान बेहतर नस्ल के दुधारू पशु, आधुनिक पशु आवास, कृषि एवं डेयरी मशीनीकरण, पशु पोषण और पशु स्वास्थ्य जैसी जरूरतों में निवेश कर सकेंगे।
पहल में मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना (MKUY) जैसी सरकारी सब्सिडी योजनाओं का भी लाभ उठाने पर जोर दिया गया है। कंपनी के अनुसार, इससे डेयरी किसानों को अपनी गतिविधियों को मजबूत और विस्तारित करने के लिए अपेक्षाकृत सस्ती पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में राज्य सरकार, बैंकिंग और डेयरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग के सचिव प्रेम चंद चौधरी, APICOL के प्रबंध निदेशक शुभ्रांशु, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक राकेश कुमार यादव और हैटसन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड के चेयरमैन आर. जी. चंद्रमोगन शामिल थे।
चंद्रमोगन ने कहा कि कंपनी इस पहल के माध्यम से अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 6,000 से अधिक डेयरी फार्म स्थापित करने में सहयोग करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय में सुधार और टिकाऊ डेयरी इकोसिस्टम तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने से किसानों को आय का एक स्थिर और प्रगतिशील स्रोत मिल सकता है और इससे व्यापक कृषि अर्थव्यवस्था को भी समर्थन मिलेगा। कंपनी का लक्ष्य ओडिशा में ही दूध का उत्पादन और संग्रह बढ़ाकर राज्य तथा पश्चिम बंगाल, उत्तर आंध्र प्रदेश और अन्य पड़ोसी बाजारों की मांग पूरी करना है। कंपनी के अनुसार, ‘गो-धन’ का फोकस वित्त तक पहुंच, वैज्ञानिक फार्म प्रबंधन और उत्पादकता बढ़ाने जैसी डेयरी क्षेत्र की प्रमुख जरूरतों को पूरा करने पर है।
हैटसन एग्रो प्रोडक्ट के अनुसार, कंपनी वर्तमान में 5 लाख से अधिक किसानों से सीधे दूध खरीदती है और डेयरी तथा संबद्ध क्षेत्रों में विभिन्न ब्रांड संचालित करती है। कंपनी ने कहा कि दूध खरीद और पशुपालन क्षेत्र में उसका अनुभव ओडिशा में ‘गो-धन’ के क्रियान्वयन में उपयोगी होगा।
इस पहल में सरकारी योजनाओं, संस्थागत वित्त और निजी क्षेत्र के डेयरी अनुभव को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है। इसका व्यापक उद्देश्य स्थानीय डेयरी वैल्यू चेन को मजबूत करना और डेयरी से जुड़े ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करना है।

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