क्वालिटी गन्ना बीज उत्पादन के लिए ISMA और ICAR-ISRI मिलकर स्थापित करेंगे एडवांस सेंटर
ISMA और ICAR-ISRI ने गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उत्पादन के लिए लखनऊ में एडवांस सेंटर स्थापित करने का समझौता किया है। यह केंद्र रोगमुक्त, आनुवंशिक रूप से शुद्ध और अधिक उपज देने वाले बीज और डिजिटल ट्रेसेबिलिटी को बढ़ावा देगा ताकि किसान इसे तेजी से अपना सकें।
इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-ISRI), लखनऊ ने अच्छी क्वालिटी के गन्ना बीज तैयार करने के लिए समझौता किया है। इसके लिए एक एडवांस सेंटर की स्थापना की जाएगी जो गन्ना किसानों को रोगमुक्त, आनुवंशिक रूप से शुद्ध और अधिक उपज देने वाले बीज की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
इस पहल का उद्देश्य गन्ने की बेहतर रोपण सामग्री, क्वालिटी की निगरानी और वितरण के लिए एक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रणाली विकसित करना है। इससे किसानों को उन्नत किस्मों की रोपण सामग्री तेजी से उपलब्ध होने, गन्ने की उत्पादकता बढ़ने, चीनी की रिकवरी में सुधार और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
प्रस्तावित केंद्र की स्थापना लखनऊ स्थित ICAR-ISRI में की जाएगी। यहां क्वालिटी बीज उत्पादन, नर्सरी तैयार करने, रोग की पहचान, हार्डनिंग, भंडारण और रोपण सामग्री के वितरण के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह केंद्र सहभागी चीनी मिलों को तकनीकी एवं वैज्ञानिक सहायता देने के साथ गन्ना विकास से जुड़े कर्मचारियों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा।
सहयोग के तहत सहभागी चीनी मिलों के कमांड क्षेत्रों में गन्ने की किस्मों के व्यवस्थित बदलाव और विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे गन्ने की उत्पादकता और चीनी रिकवरी बढ़ाने के साथ गन्ने की खेती को दीर्घकालिक रूप से अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फाइटोसैनिटरी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। रोगमुक्त बीज उत्पादन, सर्टिफिकेशन और नियमित गुणवत्ता निगरानी के लिए कड़े मानकों का पालन किया जाएगा, ताकि रोपण सामग्री की क्वालिटी और आनुवंशिक शुद्धता बनी रहे। बीज लॉट की व्यवस्थित टैगिंग और डिजिटल ट्रेसेबिलिटी भी शुरू की जाएगी, जिससे बीज उत्पादन से खेत तक उसकी पहचान, स्रोत और गुणवत्ता को ट्रैक किया जा सकेगा।
ICAR-ISRI के विशेषज्ञ सहभागी चीनी मिलों को लगातार तकनीकी मार्गदर्शन, खेत स्तर पर निगरानी और वैज्ञानिक सहायता प्रदान करेंगे। इसके साथ ही सहभागी चीनी मिलों के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री समय पर उपलब्ध कराने और इसके व्यापक इस्तेमाल को बढ़ावा देने की व्यवस्था की जाएगी।
ISMA के अनुसार, सही समय पर गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता गन्ने की उत्पादकता और किसानों के आर्थिक लाभ पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है। इस पहल से गन्ने की अधिक पैदावार, पेड़ी के बेहतर प्रदर्शन, रोगों में कमी और चीनी रिकवरी में सुधार होने की उम्मीद है।
ISMA के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री अधिक उत्पादकता, बेहतर चीनी रिकवरी और किसानों की मजबूत आय की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि ICAR-ISRI के साथ यह साझेदारी वैज्ञानिक अनुसंधान को खेत स्तर पर वास्तविक लाभ में बदलने में मदद करेगी और चीनी मिलों के माध्यम से रोगमुक्त, आनुवंशिक रूप से शुद्ध और अधिक उपज देने वाली रोपण सामग्री की तेज एवं व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
बल्लानी ने कहा कि क्वालिटी गन्ना बीज उत्पादन का केंद्र बीज के पारिस्थितिकी तंत्र, खेत स्तर की निगरानी, किस्मों के प्रदर्शन और गन्ना विकास टीमों की क्षमता को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापक उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री को किसानों के लिए अधिक सुलभ बनाना, प्रति एकड़ उत्पादकता बढ़ाना और गन्ने की खेती से किसानों को मिलने वाले आर्थिक लाभ में वृद्धि करना है।

Join the RuralVoice whatsapp group


















