पीएम किसान सम्मान योजना के तहत सरकार ने किसानों के खातों में 20,900 करोड़ रुपये भेजे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को नए साल का पहला तोहफा दिया है। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की दसवीं किस्त जारी की है इसके तहत करीब 10.09 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 20,900 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए

पीएम किसान सम्मान योजना के तहत सरकार ने किसानों के खातों में 20,900 करोड़ रुपये भेजे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को नए साल का पहला तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री ने नये साल के पहले दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की दसवी किस्त जारी किया है इसके तहत करीब 10.09 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 20,900 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। एक-दो दिन में सभी पात्र किसानों के बैंक खाते में 2000-2000 रुपये जमा हो जाएंगे। 10वीं किस्त 1 दिसंबर, 2021 से मान्य होगी। जिन किसान ने अभी तक योजना में आवेदन नहीं किया है, वे भी इसमें आवेदन करके 10वीं किस्त का लाभ 31 मार्च 2022 तक प्राप्त कर सकते हैं। पीएम किसान योजना को 1 दिसंबर 2018 को अनौपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था। उसके बाद से कोई किस्त भेजने में इतनी देरी कभी नहीं हुई। योजना के तहत अब तक किसानों को 1.80 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

एफपीओ के लिए जारी किया गया अनुदान

मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने देश के 351 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 14 करोड़ रुपये से अधिक का इक्विटी अनुदान भी जारी किया। कृषि मंत्रालय का दावा है कि इससे 1.24 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। पीएम-किसान के इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के अलावा 9 राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न राज्यों के कई मंत्री और कृषि संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने एफपीओ संचालक किसानों से भी बातचीत की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि एफपीओ के रूप में किसानों के पास पहली शक्ति है। बेहतर बार्गेनिंग यानीमोलभाव की शक्ति, दूसरी शक्ति किसानों को मिली है बड़े स्तर पर व्यापार की। एफपीओ के रूप में किसान संगठित होकर काम करते हैं, लिहाजा उनके लिए संभावनाएं भी बड़ी होती हैं। तीसरी ताकत है- इनोवेशन की। एक साथ कई किसानमिलते हैं तो उनके अनुभव साथ में जुड़ते हैं, जानकारी बढ़ती है। नए-नए इनोवेशन्स के लिए रास्ता खुलता है। एफपीओमें चौथी शक्ति है- रिस्क मैनेजमेंट की। एक साथ मिलकर आप चुनौतियों का बेहतर आकलन भी कर सकते हैं, और उससे निपटने के रास्ते भी बना सकते हैं। और पांचवीं शक्ति है- बाज़ार के हिसाब से बदलने की क्षमता। श्री मोदी ने कहा कि हमारी धरती को बंजर होने के बचाने का एक बड़ा तरीका है- केमिकल मुक्त खेती, इसलिए बीते वर्ष में देश ने एक और दूरदर्शी प्रयास शुरू किया है। ये प्रयास है- प्राकृतिक खेती का।देश के किसान का विश्वास देश की सबसे बड़ी ताकत है।

मोदी ने  कहा आज हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर 8 फीसदी से भी ज्यादा है। भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश आया है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। जीएसटी कलेक्शन में भी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हुए हैं। निर्यात और विशेषकर कृषि के मामले में भी हमने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2021 में भारत ने करीब 70 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन सिर्फ यूपीआई से किया है। आज भारत में 50 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स काम कर रहे हैं। इनमें से 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स तो पिछले 6 महीने में बने हैं।

किसानों की आय दोगुनी करने के हो रहे प्रयास

इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नए साल 2022 के पहले दिन करीब 10.09 करोड़ लाभार्थियों को करीब 20,900 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के प्रयास के तहत पीएम-किसान कार्यक्रम शुरू किया गया था.पीएम किसान  की 9वीं किस्त अगस्त 2021 में जारी की गई थी पीएम किसान योजना की 10वीं किस्त के हस्तांतरण के कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद थे. तोमर ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों में मदद के लिए पीएम-किसान कार्यक्रम शुरू किया गया है.

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि देश में लगभग 86 फीसदी छोटे किसान हैं, इनका योगदान जरूरी है, जिसके लिए इन्हें संगठित करने हेतु 6865 करोड़ रुपये के खर्च से दस हजार नए एफपीओ बनाए जा रहे हैं।