राजस्थान में महिलाओं के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में होंगे कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम

राजस्थान में महिलाओं की कृषि भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें लघु-सीमान्त, एससी-एसटी एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण में आधुनिक खेती, जल-मृदा प्रबंधन, सिंचाई तकनीक, जैविक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

राजस्थान में महिलाओं के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में होंगे कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम

राजस्थान में महिलाओं की कृषि में भागीदारी बढ़ाने और नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर महिला प्रशिक्षणों का आयोजन किया जायेगा। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के अनुसार प्रशिक्षण में लघु‑सीमान्त, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के साथ‑साथ स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्राम स्तर पर महिला कृषक नई तकनीक की जानकारी लेकर उत्पादन में वृद्धि कर सके। वर्ष 2025-26 में 11,019 महिला कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 3 लाख 30 हजार 570 महिला कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया था।

गोयल ने बताया कि प्रशिक्षण का आयोजन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा। स्थान का चयन उस गांव से किया जाएगा, जहां पिछले दो वर्षों में इस प्रकार का कोई प्रशिक्षण आयोजित नहीं हुआ है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में फसलों के बीज उत्पादन तकनीक, मृदा एवं जल परीक्षण का महत्व, नमूनों का संकलन एवं उपयोग, सन्तुलित उर्वरक प्रबंधन, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक खेती व जैविक खाद बनाने की विधियों पर गहन चर्चा होगी।

इसके साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन, वर्षा जल संरक्षण, शुष्क खेती एवं फसलों की क्रांतिक अवस्था पर समयानुसार सिंचाई, बून्द‑बून्द (ड्रिप), फव्वारा सिंचाई एवं पाईप‑लाइन, डिग्गी निर्माण से पानी का कुशल उपयोग; खरपतवार व कीटों का वैज्ञानिक नियंत्रण, उन्नत फसल किस्में, बीज प्रतिस्थापन दर बढ़ाने की विधियां, जैविक तथा रासायनिक खेती में संतुलन बनाने की तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभागीय योजनाओं के लाभ, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन आदि से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक महिला कृषक की परख के लिए वस्तुनिष्ठ प्रशिक्षण परीक्षण आयोजित किया जाएगा। परीक्षण के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली महिलाओं को उपयोगी कृषि सामग्री के पुरस्कार दिए जाएंगे।

प्रशिक्षण में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला बाल विकास विभाग, राजीव गांधी सेवा केन्द्र (राजीविका) के बीपीएम, ग्राम स्तरीय कृषि/पशु सखी एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही प्रगतिशील कृषकों को आमंत्रित कर उनके अनुभवों को मंच पर रखा जाएगा, जिससे अन्य कृषक महिलाएं व्यावहारिक ज्ञान ले सकें। 

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