यूपी को देश की पहली एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को दिए कार्य योजना बनाने के निर्देश

अधिकारियों को शॉर्ट टर्म और लांग टर्म के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण की स्कीमों के लिए बजट बढ़ाया गया है। साथ ही सरकार औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दे रही है

यूपी को देश की पहली एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य, मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को दिए कार्य योजना बनाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश को देश की पहली एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी वाला राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीर्ष अधिकारियों को कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक लोकप्रिय निवेश स्थान के रूप में उभरा है। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक 10 लाख करोड़ रुपए नए निवेश आकर्षित करने का है।

अधिकारियों को शॉर्ट टर्म और लांग टर्म के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण की स्कीमों के लिए बजट बढ़ाया गया है। साथ ही सरकार औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने 80 हजार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट की समीक्षा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जून को लखनऊ में एक समारोह में इन प्रोजेक्ट को लांच किया था। उन्होंने संबंधित विभागों को उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बातचीत का माध्यम खुला रखने का निर्देश दिया ताकि उनके प्रोजेक्ट समय पर पूरे किए जा सकें। उन्होंने कहा कि बीते 5 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में जो उल्लेखनीय कार्य हुए हैं उनसे नए निवेशकों को प्रदेश में आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

3 जून को 1406 प्रोजेक्ट लांच किए गए थे। इनसे प्रत्यक्ष तौर पर 5 लाख और परोक्ष रूप से 20 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। लगभग 25 फ़ीसदी प्रोजेक्ट डाटा सेंटर के हैं। इसके बाद 14 फ़ीसदी प्रोजेक्ट कृषि और संबंधित उद्योग के, 10 फ़ीसदी आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के, 8 फ़ीसदी इंफ्रास्ट्रक्चर के, 8 फ़ीसदी मैन्युफैक्चरिंग के, 7 फ़ीसदी हैंडलूम एंड टैक्सटाइल के, छह फ़ीसदी अक्षय ऊर्जा के और इतने ही एमएसएमई सेक्टर के हैं।