IFFCO-MC ने लॉन्च किया पेटेंटेड फफूंदनाशी ‘मित्सुकी’ और एडजुवेंट ‘नेक्सावेट’

इफको-एमसी क्रॉप साइंस ने चंडीगढ़ में ‘स्वर्णआरंभ 2026’ कार्यक्रम के दौरान अपना पहला पेटेंटेड 9(3) फफूंदनाशी मित्सुकी और साइट्रस पील एक्सट्रैक्ट आधारित सिलिकॉन एडजुवेंट नेक्सावेट लॉन्च किया। कंपनी के अनुसार, दोनों उत्पाद फसल रोग प्रबंधन और स्प्रे का प्रभाव बढ़ाने में मदद करेंगे तथा किसान केंद्रित तकनीकी समाधान को बेहतर करेंगे।

IFFCO-MC ने लॉन्च किया पेटेंटेड फफूंदनाशी ‘मित्सुकी’ और एडजुवेंट ‘नेक्सावेट’
इफको-एमसी क्रॉप साइंस (IFFCO-MC Crop Science Pvt. Ltd.) ने अपना पहला पेटेंटेड 9(3) फफूंदनाशी ‘मित्सुकी’ (Mitsuki) और उन्नत नींबू वर्गीय अर्क आधारित सिलिकॉन एडजुवेंट ‘नेक्सावेट’ (NexaWet) लॉन्च किया है।
 
दोनों उत्पादों को कंपनी के फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘स्वर्णआरंभ 2026 - मार्चिंग टुवर्ड्स ए न्यू गोल्डन डिकेड’ में लॉन्च किया गया। चंडीगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र, वैश्विक प्रौद्योगिकी साझेदारों, कृषि व्यवसाय जगत, चैनल पार्टनर्स, किसानों और मीडिया सहित 350 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
 
कार्यक्रम का उद्घाटन इफको और इफको-एमसी के चेयरमैन दिलीप संघाणी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघाणी ने कहा "भारतीय कृषि के विकास में नवाचार की केंद्रीय भूमिका है। इफको-एमसी विश्वस्तरीय, किसान-केंद्रित तकनीकों को किसानों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उत्पादकता, लाभप्रदता और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दें। 'मित्सुकी' और 'नेक्सावेट' का शुभारंभ किसानों को आधुनिक फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने की हमारी यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।" 
 
धान की बीमारियों के प्रबंधन पर जोर
 
मित्सुकी, थायोफेनेट मिथाइल (Thiophanate Methyl) एवं पिकॉक्सीस्ट्रोबिन (Picoxystrobin) के पेटेंटेड संयोजन पर आधारित एक उन्नत फफूंदनाशी है, जो धान की प्रमुख बीमारियों जैसे शीथ ब्लाइट, ब्लास्ट तथा ग्रेन डिसकलरेशन के प्रभावी नियंत्रण में सक्षम है। 
 
वहीं नेक्सावेट, नींबू वर्गीय अर्क आधारित सिलिकॉन एडजुवेंट, स्प्रे के बेहतर फैलाव, सतह पर चिपकाव, अवशोषण तथा पौधों द्वारा बेहतर ग्रहण क्षमता सुनिश्चित कर कृषि रसायनों की कार्यक्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है, जिससे किसानों को अधिक प्रभावी एवं बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। एडजुवेंट का इस्तेमाल फसल सुरक्षा उत्पादों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह पौधों की सतह पर सक्रिय तत्वों के अधिक समान रूप से फैलने और उनके बेहतर अवशोषण में मदद कर सकता है।
 
तकनीक और वैश्विक साझेदारी 
 
इफको-एमसी के सीईओ मनोज वार्ष्णेय ने कहा, "स्वर्णारंभ 2026 केवल एक उत्पाद लॉन्च कार्यक्रम नहीं, बल्कि इफको-एमसी के लिए एक नए युग की शुरुआत है। उन्नत तकनीकों और वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से हम भारतीय किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराते रहेंगे, जो उन्हें अधिक मूल्य प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय कृषि के सतत विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।" 
 
2015 में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (IFFCO) और जापान की मित्सुबिशी कॉरपोरेशन के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित इफको-एमसी ने भारतीय फसल सुरक्षा बाजार में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है। कंपनी वर्तमान में 18 राज्यों में काम कर रही है और उसके 7,500 से अधिक चैनल पार्टनर्स हैं। कंपनी के अनुसार, उसके पोर्टफोलियो में 85 से अधिक फसल सुरक्षा उत्पाद शामिल हैं।

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