थोक महंगाई ने करीब चार साल का रिकॉर्ड तोड़ा, खाद्य महंगाई भी 16 माह में सबसे अधिक

जून 2026 में भारत की थोक महंगाई दर बढ़कर 9.87 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो करीब चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। खाद्य महंगाई भी 16 महीनों के सबसे ऊंचे स्तर पर रही। ईंधन, कच्चे तेल, रसायन, धातु और वस्त्रों की कीमतों में तेज वृद्धि ने महंगाई को और बढ़ावा दिया।

थोक महंगाई ने करीब चार साल का रिकॉर्ड तोड़ा, खाद्य महंगाई भी 16 माह में सबसे अधिक

थोक महंगाई ने करीब चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जून 2026 में थोक महंगाई दर 9.87 प्रतिशत दर्ज हुई है। यह मई में 9.68 प्रतिशत और जून 2025 में -0.4 प्रतिशत थी। सितंबर 2022 के 10.7 प्रतिशत के बाद थोक महंगाई दर का यह आंकड़ा सबसे अधिक है। 

थोक महंगाई इंडेक्स में खाद्य पदार्थों का वेटेज लगभग एक-चौथाई, 24.99 प्रतिशत है। खाद्य पदार्थों के थोक दाम पिछले महीने 6.14 प्रतिशत बढ़े हैं। यह फरवरी 2025 (6.17 प्रतिशत) के बाद सबसे अधिक है। इसमें फरवरी 2026 से लगातार वृद्धि हो रही है। उससे पहले जून 2025 से जनवरी 2026 तक आठ महीने में से छह महीने खाद्य पदार्थों की थोक महंगाई निगेटिव यानी शून्य से नीचे रही थी।

खाने-पीने की चीजें दो श्रेणियों में हैं- प्राइमरी और मैन्युफैक्चर्ड। प्राइमरी यानी प्राथमिक खाद्य वस्तुओं के दाम जून में 5.49 प्रतिशत बढ़े हैं। मई में इनमें 3.6 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। मैन्युफैक्चर्ड खाद्य पदार्थों की कीमतों में 7.2 प्रतिशत और पेय पदार्थों में 1.44 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मई में इनमें क्रमशः 6.14 प्रतिशत और 1.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। 

अन्य श्रेणियों की बात करें तो ईंधन और बिजली में पिछले महीने 27.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसमें कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दामों में 34.75 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली। इसके अलावा टेक्सटाइल में 10.85 प्रतिशत, केमिकल्स में 12.78 प्रतिशत, बेसिक मेटल्स में 12.31 प्रतिशत और बिजली उपकरणों में 11.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में थोक महंगाई में 9.37 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह पिछले साल शून्य और अप्रैल-जून 2024 में 1.72 प्रतिशत था। पूरी तिमाही में फूड इंडेक्स 4.67 प्रतिशत बढ़ा है। इसमें प्राथमिक खाद्य वस्तुओं में 3.87 प्रतिशत और मैन्युफैक्चर्ड खाद्य पदार्थों में 5.95 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पेय पदार्थ 1.16 प्रतिशत महंगे हुए हैं।

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