जलवायु परिवर्तन और अचानक मौसम बदलाव के काऱण कमजोर हो रही है खाद्य सुरक्षा

इकोनॉमिक्स इम्पैक्ट ने 10वां वार्षिक वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक (जीएफएसआई) जारी किया है इस रिपोर्ट के अनुसार लगातार दूसरे साल भी वैश्विक खाद्य सुरक्षा में गिरावट का उल्लेख किया गया है। इस बात पर जोर देते हुए कहा गया है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन के असर को कम की क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हैं

जलवायु परिवर्तन  और अचानक मौसम बदलाव के काऱण कमजोर हो रही है खाद्य सुरक्षा

इकोनॉमिक्स इम्पैक्ट ने 10वां वार्षिक वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक (जीएफएसआई) जारी किया है इस रिपोर्ट के अनुसार  लगातार दूसरे साल भी  वैश्विक खाद्य सुरक्षा में गिरावट का उल्लेख किया गया है। इस बात पर जोर देते हुए कहा गया है वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन के असर को करने के लिए जरूरी उपाय और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सबसे महत्वपुर्ण है।

कोर्टेवा एग्रीसाइंस द्वारा प्रयोजित जीएफएसआई का उद्देश्य अधिक लचीला और सुरक्षित खाद्य प्रणाली को सक्षम करने के लिए एक संसाधन के रूप में कार्य करती है। यह रिपोर्ट पिछले एक दशक के डाटा की मदद से खाद्य सुऱक्षा पर मिली महत्वपूर्ण सीख  के बारे में बताती है और और भूखमरी को समाप्त करने के लिए दुनिया भर में लड़ाई के भविष्य के लिए इसका क्या अर्थ है, इस पर प्रकाश डालती है।

कोर्टेवा एग्रीसांइस ग्लोबल स्तर पर  एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली एग्री बिजनेस कंपनी है जो दुनिया भर के किसानों को उद्योग में सबसे पूर्ण पोर्टफोलियो प्रदान करती है।

जीएफएसआई 113 देशों में खाद्य सुरक्षा की अंतर्निहित विशेषताओं को मापता है, जो कि सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता और सुरक्षा, और प्राकृतिक संसाधनों और लचीलेपन के कारकों पर आधारित है। यह आय और आर्थिक असमानता, लैंगिक असमानता, और पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की असमानता सहित 58  यूनिक खाद्य सुरक्षा संकेतकों पर विचार करता है जिसका मुख्य उद्देश्य है 2030 तक जीरो हंगर के लिए संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)  की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए आवश्यक प्रणालीगत कार्यों पर ध्यान देना।

कोर्टेवा एग्रीसाइंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी टिम ग्लेन ने कहा कि जीएफएसआई दुनिया भर में खाद्य असुरक्षा को प्रभावित करने वाले अंतर्निहित कारकों की पहचान करके भूखमरी से छुटकारा पाने की दिशा में काम करना है। कोर्टेवा न अपनी रिपोर्ट में कई चुनौतियों जिक्र किया है, जिनका दुनिया सामना कर रही है। इसके लिए जरूरी है कि किसानों को इनोवेटिव तरीके प्रदान करके उनके उत्पादकता लक्ष्यों को स्थायी रूप प्रदान किया जाय और खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए जरुरत है कि दुनिया भर के सहयोगियों के साथ मिलकर काम किया जाय।

जीएफएसआई की प्रमुख प्रतिमा सिंह ने कहा कि जो लोग दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा की प्रगति पर कार्य करते हैं उनके लिए पिछले दशक में जीएफएसआई ने खाद्य पदार्थों और कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए आवश्यक डाटा ड्राइवर इनसाइट और साक्ष्य के साथ खाद्य प्रणाली के ग्लोबल लीडर और हितधारकों को प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ईआई "सूचकांक से पता चलता है कि सभी देशों ने पिछले दस वर्षों में खाद्य असुरक्षा कम  करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जबकि खाद्य प्रणालियां आर्थिक, जलवायु और भू-राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील बनी हुई हैं। इसलिए सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए  स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर  कार्रवाई अनिवार्य है जिससे भूख और कुपोषण को समाप्त किया जा सके

2021 जीएफएसआई से प्रमुख निष्कर्ष

2021 जीएफएसआई के रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं एसडीजी की दिशा में सात साल की प्रगति के बाद  भी वैश्विक खाद्य सुरक्षा में लगातार दूसरे वर्ष कमी आई है। ईआई वैश्विक रिपोर्ट में कहा गया है कोरोना  महामारी, जलवायु संबंधी कारकों को तेजी करना, पोषण और भोजन की कीमत में अस्थिरता और खाद्य सुरक्षा में त्वरित कमी और सरकारी कृषि निवेश की कमी इत्यादि इन निम्नलिखित कारकों के साथ सहसंबंध के कारण  चक्रवृद्धि प्रभाव सूचकांक में लगातार स्कोर बढ़ा रहा है

इस सूचकांक से पता चलता है कि खाद्य सुरक्षा के कारक व्यापक हैं और अब एक प्रणालीगत, बहुराष्ट्रीय चुनौती का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसका प्रभाव निम्न और उच्च आय वाले और संसाधन संपन्न दोनों देशों में है।

कोर्टेवा वैश्विक खाद्य प्रणालियों को सुरक्षित रखने और दुनिया भर में कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता को सक्षम करने के अपने अंतिम लक्ष्य के साथ किसानों को स्थानीय उत्पादकता में सुधार करने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करता है इसके लिए लगातार ग्लोबल इनोवेशन और विशेषज्ञता का लाभ  प्रदान करता है। 

ईआई के रिपोर्ट 2021 केअनुसार पिछले 10 वर्षों जैसा, जलवायु अस्थिरता और बिगड़ते प्राकृतिक संसाधनों से खतरे भविष्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसकी  स्थिरता के लिए कोर्टेवा एग्रीसाइंस की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता किसानों को वैश्विक जनसंख्या मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक समाधान मुहैया कराने में मदद करती है।

अपनी वैश्विक रिपोर्ट में, ईआई ने कहा है कि सूचकांक से पता चलता है कि  वर्तमान में उभरती भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए खाद्य सुरक्षा में निवेश की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर फसल पैदावार में इनोवेशन से लेकर सबसे कमजोर लोगों की सहायता के लिए कार्यक्रमों में निवेश करना होगा।