कैबिनेट ने जल जीवन मिशन के लिए अतिरिक्त 1.51 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के लिए अतिरिक्त 1.51 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे इस पर कुल व्यय बढ़कर 8.69 लाख करोड़ रुपये हो गया है। पुनर्गठित कार्यक्रम सर्विस डिलीवरी, सुशासन और स्थिरता पर केंद्रित होगा, ताकि प्रस्तावित जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वर्ष 2028 तक सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को पाइप के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

कैबिनेट ने जल जीवन मिशन के लिए अतिरिक्त 1.51 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को जल शक्ति मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसमें जल जीवन मिशन (JJM) के कार्यान्वयन को पुनर्गठित करने और इसे सर्विस डिलीवरी की ओर मोड़ने की बात कही गई है। कैबिनेट मिशन के पुनर्गठन के लिए कुल परिव्यय को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है, जिसमें कुल केंद्रीय सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये है। 2019-20 में स्वीकृत राशि 2.08 लाख करोड़ रुपये थी। यानी 1.51 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त केंद्रीय हिस्से को मंजूरी दी गई है।

इस मिशन के तहत एक समान राष्ट्रीय डिजिटल ढांचा “सुजलम भारत” स्थापित किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक गांव को एक विशिष्ट सुजल गांव/सेवा क्षेत्र आईडी आवंटित की जाएगी। यह स्रोत से नल तक संपूर्ण पेयजल आपूर्ति प्रणाली का डिजिटल मानचित्रण करेगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, “जल अर्पण” के माध्यम से योजनाओं के शुभारंभ और औपचारिक हस्तांतरण में ग्राम पंचायतों और पशु एवं जल आपूर्ति समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

जल शक्ति मंत्रालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि ग्राम पंचायत राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त संचालन एवं रखरखाव तंत्र स्थापित किए जाने की पुष्टि होने पर ही कार्यों के पूर्ण होने का प्रमाण पत्र जारी करेगी और स्वयं को “हर घर जल” घोषित करेगी। 

विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि वर्ष 2019 में नल-जल कनेक्शन वाले 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों की स्थिति से, अब तक जल जीवन मिशन (JJM) योजना के तहत 12.56 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल-जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्तमान में देश में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा चिन्हित 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से, लगभग 15.80 करोड़ (81.61 प्रतिशत) परिवारों के पास नल-जल कनेक्शन उपलब्ध हैं।

इसमें बताया गया है कि जेजेएम 2.0 देश भर के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को दिसंबर 2028 तक नल-जल कनेक्शन उपलब्ध कराकर सभी ग्राम पंचायतों को 'हर घर जल' के प्रमाणन में सहयोग देगा। साथ ही, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ अलग-अलग समझौता ज्ञापनों के माध्यम से समय-सीमा का पालन, योजना की निरंतरता और नागरिक-केंद्रित जल सेवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। जेजेएम 2.0 संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से अवसंरचना-केंद्रित दृष्टिकोण से नागरिक-केंद्रित उपयोगिता-आधारित सेवा वितरण दृष्टिकोण की ओर बढ़ते हुए, 24×7 सुनिश्चित ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के साथ विकसित भारत @2047  के विजन को भी बढ़ावा देता है।

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