NAAS -धानुका पुरस्कारों से सम्मानित हुए उत्कृष्ट केवीके और अटारी, किसान समृद्धि में नवाचार की भूमिका पर जोर
NAAS और धानुका एग्रीटेक ने नई दिल्ली में आयोजित एनएएएस-धानुका कृषि विस्तार उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 के तहत उत्कृष्ट केवीके, अटारी और कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। ये पुरस्कार कृषि विस्तार, तकनीक प्रसार, किसान कल्याण, टिकाऊ कृषि और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के महत्व को रेखांकित करते हैं।
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS) और धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने नई दिल्ली में आयोजित एनएएएस की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) 2026 के दौरान देश के प्रमुख कृषि संस्थानों और वैज्ञानिकों को एनएएएस-धानुका कृषि विस्तार उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया। इन पुरस्कारों का उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थानों (अटारी) और कृषि विस्तार वैज्ञानिकों द्वारा वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने, नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने और कृषि विस्तार प्रणाली को मजबूत बनाने में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देना है।
एनएएएस के अनुसार, पुरस्कार विजेताओं का चयन एक उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। मूल्यांकन में प्रौद्योगिकी प्रसार, कृषि विस्तार की नवाचारी पद्धतियां, किसानों तक पहुंच, क्षमता निर्माण, वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने तथा कृषि विकास पर पड़े प्रत्यक्ष प्रभाव जैसे मानकों को शामिल किया गया।
पुरस्कारों के तहत उन संस्थानों और वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कृषि अनुसंधान और किसानों के खेतों के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के कई कृषि विज्ञान केंद्रों को क्षेत्रवार उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इन केंद्रों ने प्रशिक्षण, प्रदर्शन और परामर्श सेवाओं के माध्यम से वैज्ञानिक नवाचारों को किसानों तक पहुंचाने तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ केवीके पुरस्कार हिमाचल प्रदेश के केवीके-मंडी को कृषि विस्तार और किसान-केंद्रित विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। वहीं, पूर्वी भारत में कृषि विस्तार गतिविधियों के समन्वय और सुदृढ़ीकरण में योगदान के लिए आईसीएआर-अटारी, कोलकाता को सर्वश्रेष्ठ अटारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कृषि विस्तार और प्रौद्योगिकी प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। उनके कार्यों ने किसान-केंद्रित नवाचारों को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक ज्ञान को किसानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के चेयरमैन एमेरिटस डॉ. आर.जी. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय कृषि की वास्तविक ताकत केवल वैज्ञानिक खोजों में नहीं, बल्कि उन खोजों को किसानों के लिए व्यावहारिक समाधानों में बदलने की क्षमता में निहित है। उन्होंने कहा कि सम्मानित संस्थान और वैज्ञानिक भारतीय कृषि विस्तार प्रणाली के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने प्रयोगशालाओं से खेतों तक नवाचार पहुंचाने में असाधारण नेतृत्व का परिचय दिया है। डॉ. अग्रवाल ने टिकाऊ कृषि के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार विशेषज्ञ जलवायु-स्मार्ट खेती, संसाधनों के कुशल उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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