मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क बढ़कर 1.5% हुआ, लेकिन जिनिंग मिलों के लिए कपास पर मंडी फीस आधी हुई

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कपास को छोड़कर अन्य फसलों पर मंडी शुल्क 1% से बढ़ाकर 1.5% कर दिया है, जिससे लगभग 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। वहीं कपास पर शुल्क घटाकर 0.5% किया गया है। साथ ही, गेहूं, धान और मोटे अनाजों की खरीद के लिए 8,600 करोड़ रुपये की निःशुल्क सरकारी गारंटी को मंजूरी दी गई है।

मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क बढ़कर 1.5% हुआ, लेकिन जिनिंग मिलों के लिए कपास पर मंडी फीस आधी हुई

मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मंडी शुल्क को 1% से बढ़ाकर 1.5% कर दिया है। हालांकि कपास पर इस शुल्क को 1% से घटाकर 0.5% किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने एमपी स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रूपये की निःशुल्क सॉवरेन गारंटी उपलब्ध कराने को भी स्वीकृति दी है।

कैबिनेट बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कपास को छोड़ बाकी फसलों के लिए मंडी शुल्क 1% के स्थान पर 1.5% करने का निर्णय लिया गया है। इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इसका उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा कोल्डस्टोरेज, वेयरहाउस, प्रसंस्करण इकाइयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। 

कैबिनेट ने जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1% से घटाकर 0.5% कर दी है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें हैं, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है। सरकार का कहना है कि कपास पर मंडी फीस में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों का पड़ोसी राज्यों में पलायन नहीं होगा। मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी।

कैबिनेट का एक फैसला एमपी स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन एवं मार्कफेड के लिए है। इन दोनों संस्थाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय रबी मार्केटिंग वर्ष 2026 में गेहूं तथा खरीफ मार्केटिंग वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों की खरीद के लिए वर्तमान वित्तीय व्यवस्थाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह गारंटी विभिन्न बैंकों, नाबार्ड तथा अन्य सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगी। 

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