होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से मध्य पूर्व के 4.2 अरब डॉलर के डेयरी व्यापार पर खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता तनाव खाड़ी क्षेत्र को जाने वाली डेयरी आपूर्ति को प्रभावित कर रहा है। वर्ष 2024 में इस क्षेत्र के देशों ने 4.2 अरब डॉलर मूल्य के 13 लाख टन डेयरी उत्पाद आयात किए। शिपिंग बाधित होने के कारण यूरोपियन यूनियन, न्यूजीलैंड और अमेरिका जैसे प्रमुख निर्यातकों को जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से मध्य पूर्व के 4.2 अरब डॉलर के डेयरी व्यापार पर खतरा

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान ने वैश्विक डेयरी उद्योग में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाधित होता है तो अरबों डॉलर के डेयरी व्यापार पर असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ने वाला यह संकरा जलमार्ग खाड़ी क्षेत्र की कई अर्थव्यवस्थाओं के लिए मुख्य प्रवेश द्वार है। 

मध्य पूर्व दुनिया के सबसे अधिक आयात-निर्भर डेयरी बाजारों में से एक है। वर्ष 2024 में इस क्षेत्र के देशों ने लगभग 13 लाख टन डेयरी उत्पादों का आयात किया, जिनकी कुल कीमत लगभग 4.2 अरब डॉलर रही। यह वैश्विक डेयरी आपूर्ति पर क्षेत्र की निर्भरता को दर्शाता है। हालांकि ईरान स्वयं डेयरी उत्पादों का बड़ा आयातक नहीं है, लेकिन जलडमरूमध्य की भौगोलिक स्थिति इसे खाड़ी क्षेत्र के कई देशों के लिए डेयरी आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग बनाती है। 

क्षेत्र के प्रमुख डेयरी आयातकों में सऊदी अरब सबसे आगे है, जहां हर वर्ष लगभग 2.1 अरब डॉलर के डेयरी उत्पाद आयात किए जाते हैं। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात का स्थान है, जहां लगभग 1.5 अरब डॉलर के डेयरी उत्पाद आयात होते हैं। इराक लगभग 76.3 करोड़ डॉलर के डेयरी उत्पाद आयात करता है, जबकि कुवैत, ओमान, बहरीन और कतर भी करोड़ों डॉलर के डेयरी उत्पाद आयात करते हैं।

खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों में ही वर्ष 2024 के दौरान डेयरी आयात लगभग 2.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया। कुल आयात मात्रा में से लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा अकेले संयुक्त अरब अमीरात का रहा, जिससे यह क्षेत्र का सबसे बड़ा डेयरी बाजार बन जाता है। संयुक्त अरब अमीरात औसतन प्रति व्यक्ति लगभग 170 डॉलर मूल्य के डेयरी उत्पाद हर वर्ष आयात करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री परिवहन बाधित होता है, तो इससे इराक, कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के पूर्वी हिस्सों में होने वाली समुद्री आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। इन बाजारों की बड़ी निर्भरता आयातित डेयरी उत्पादों पर है। ये देश मुख्य रूप से होल मिल्क पाउडर, पनीर तथा कंडेंस्ड दूध का आयात करते हैं। ये तीनों उत्पाद मिलकर मध्य पूर्व के कुल डेयरी आयात का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा होते हैं।

खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों में व्यवधान से जिन देशों के निर्यातकों पर असर पड़ेगा, उनमें यूरोपियन यूनियन, न्यूजीलैंड और अमेरिका प्रमुख हैं। ये देश खाड़ी बाजारों में बड़ी मात्रा में पनीर, दूध पाउडर, मक्खन और कंडेंस्ड दूध की आपूर्ति करते हैं। अकेले संयुक्त अरब अमीरात हर वर्ष लगभग 2 लाख टन होल मिल्क पाउडर का आयात करता है। वहीं पनीर संयुक्त अरब अमीरात के कुल डेयरी आयात मूल्य का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा है।

स्थिति को और जटिल बनाने वाला एक अन्य कारक बाल-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास अस्थिरता है, जो लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यदि होर्मुज और लाल सागर दोनों मार्ग एक साथ अस्थिर हो जाते हैं, तो वैश्विक निर्यातकों को गंभीर लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 

ऐसी स्थिति में रेफ्रिजरेटेड डेयरी उत्पादों को ले जाने वाले जहाजों को अफ्रीका के दक्षिणी सिरे पर स्थित उत्तमाशा अंतरीप (Cape of Good Hope) के रास्ते लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ सकता है। इससे परिवहन समय और मालभाड़ा लागत में काफी वृद्धि होगी, विशेष रूप से उन डेयरी उत्पादों के लिए जो तापमान नियंत्रित आपूर्ति शृंखला पर निर्भर करते हैं।

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