खाड़ी संकट के बीच किसानों ने जैविक खाद की खरीद तीन गुना से ज्यादा बढ़ाई

किसानों ने चालू खरीफ सीजन में 11.17 लाख टन ऑर्गेनिक खाद खरीदी है, जो पिछले साल की तुलना में 3.5 गुना अधिक है। यह रासायनिक उर्वरकों का उपयोग घटाने की दिशा में अच्छा संकेत है, हालांकि देश के कई इलाकों से किसानों को उर्वरक मिलने में दिक्कत की खबरें भी आ रही हैं।

खाड़ी संकट के बीच किसानों ने जैविक खाद की खरीद तीन गुना से ज्यादा बढ़ाई

खरीफ 2026 सीजन में देशभर के किसानों द्वारा जैविक खाद की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। चालू खरीफ सीजन में किसानों ने 11.17 लाख टन जैविक खाद (एफओएम, एलएफओएम और पीआरओएम) खरीदी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में खरीदी गई 3.20 लाख टन जैविक खाद की तुलना में लगभग साढ़े तीन गुना अधिक है। यह रुझान किसानों के बीच जैविक पोषक तत्वों के बढ़ते उपयोग और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता में कमी के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

केंद्र सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, जैविक खाद की खरीद में सबसे अधिक योगदान पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र का रहा है। पंजाब में 2.83 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 2.71 लाख टन, हरियाणा में 1.33 लाख टन, मध्य प्रदेश में 1.25 लाख टन, गुजरात में 0.96 लाख टन तथा महाराष्ट्र में 0.84 लाख टन जैविक खाद की खरीद दर्ज की गई।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देश में रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय देश में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयासों में जुटा है। हालांकि, देश के कई हिस्सों से किसानों को उर्वरक मिलने में दिक्कतों की खबरें भी सामने आ रही हैं।

इस बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है और खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की कुल आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन करते हुए इसे 383.9 लाख टन निर्धारित किया है।

पहले खरीफ सीजन के लिए लगभग 390.5 लाख टन उर्वरकों की खपत का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, मानसून के दौरान सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए उर्वरकों की अनुमानित खपत को संशोधित किया गया है। यूरिया की खपत का अनुमान 194 लाख टन से घटाकर 190.3 लाख टन कर दिया गया है, जबकि डाइ-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) की आवश्यकता 59.1 लाख टन से घटाकर 56.2 लाख टन आंकी गई है।

केंद्र सरकार के अनुसार, वर्तमान में देश में 197.56 लाख टन उर्वरकों का भंडार उपलब्ध है, जो कुल अनुमानित आवश्यकता का 51 प्रतिशत से अधिक है। सामान्यतः इस समय तक उर्वरक भंडार कुल आवश्यकता का लगभग 33 प्रतिशत रहता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 7 जून 2026 तक किसानों ने खरीफ सीजन के लिए 86.65 लाख टन रासायनिक उर्वरकों की खरीद कर ली है, जो कुल अनुमानित आवश्यकता का 22.57 प्रतिशत है।

सरकार का कहना है कि जून माह के दौरान 25 लाख टन से अधिक आयातित यूरिया, डीएपी और एनपीके भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा, 17 लाख टन यूरिया की खरीद के लिए एक नई वैश्विक निविदा प्रक्रिया भी जारी है।

Subscribe here to get interesting stuff and updates!