महाराष्ट्र में किसानों के पुराने बिजली बिल होंगे माफ, दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली देने की तैयारी

महाराष्ट्र में 7.5 एचपी तक के कृषि बिजली कनेक्शनों पर किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बकाया बिजली बिल माफ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों को दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया।

महाराष्ट्र में किसानों के पुराने बिजली बिल होंगे माफ, दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली देने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुराने बकाया बिजली बिल माफ करने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसानों के 7.5 एचपी तक के कृषि बिजली कनेक्शनों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बकाया बिल माफ किए जाएंगे, जिससे किसानों का खाता साफ हो जाएगा। उन्होंने किसानों को दिन के समय 12 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। 

बुधवार को मुंबई में भाजपा किसान मोर्चा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों के सिर से बकाया का बोझ पूरी तरह हटाना है, ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के नई शुरुआत कर सकें। 

महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसान कर्जमाफी योजना की शर्तों में संशोधन के बाद किसानों से जुड़ा यह एक और अहम फैसला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसानों का पूरा रिकॉर्ड "कोरा" हो, ताकि पुराने बकाया की वजह से उन्हें भविष्य में किसी तरह की वसूली या प्रशासनिक कार्रवाई की चिंता न रहे।

किसानों को दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली

फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार 'सौर कृषि वाहिनी' और कृषि पंपों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। वर्तमान में करीब 76 प्रतिशत किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत करना है, ताकि राज्य का कोई भी किसान बिजली संकट का सामना न करे। उन्होंने कहा कि दिन में 12 घंटे मुफ्त बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई के लिए रात में खेतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कर्जमाफी योजना में संशोधन 

मंगलवार को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना-2026' में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी थी। सरकार ने 2019 की कर्जमाफी योजना के लाभार्थियों के लिए लागू 50,000 रुपये की अधिकतम सीमा समाप्त कर दी है। साथ ही, वर्ष 2026-27 के दौरान नियमित ऋण चुकाने की अनिवार्य शर्त भी हटा दी गई है।

सरकार के अनुसार, इन बदलावों से करीब 23 लाख किसान प्रोत्साहन लाभ के लिए पात्र हो जाएंगे। वहीं, 2019 की कृषि ऋण माफी योजना के तहत लाभ पाने वाले करीब 13 लाख किसानों को भी अब बिना किसी पूर्व सीमा के प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सकेगा।

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