बर्फ के सूखे के बाद पहाड़ों पर सीजन की पहली बर्फबारी, मैदानों में बारिश से ठंड बढ़ी
जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक कई इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। इससे ठंड बढ़ी, पर्यटन और कृषि को राहत मिली, लेकिन कई जगह सड़कें बंद होने से जनजीवन प्रभावित हुआ।
उत्तर भारत के हिमालयी राज्यों में बर्फ और बारिश के सूखे के बाद आखिरकार मौसम ने करवट बदली। बसंत पंचमी के दिन उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई। इस बदलाव से न सिर्फ ठंड बढ़ी है, बल्कि पर्यटन, कृषि और जल स्रोतों के लिहाज से भी इसे राहत के रूप में देखा जा रहा है। खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में सेब के लिए बर्फ बेहद जरूरी है।
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज
उत्तराखंड में शुक्रवार सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। दोपहर तक बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के साथ हर्षिल, चकराता, मसूरी और धनौल्टी जैसे इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। मैदानी क्षेत्रों, खासकर देहरादून और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। यह इस सर्दी के मौसम की पहली व्यापक बारिश मानी जा रही है, जिसका लंबे समय से इंतजार था।
देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक सीएम तोमर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। मौसम का यह मिजाज 24 जनवरी दोपहर बाद तक जारी रहेगा। इसके बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ही कहीं कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी होगी। तोमर ने बताया कि एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने से 27 और 28 जनवरी को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव से पर्यटकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह है।

शिमला-मनाली बर्फ की चादर में लिपटे
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में शुक्रवार को इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। शिमला शहर, कुफरी और नारकंडा समेत आसपास के इलाकों में हल्की बर्फबारी जारी रही, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर में ढक गया। मौसम विभाग के अनुसार, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और मंडी जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी हुई है।
धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं पर ताजा बर्फ जमी है, जबकि कल्पा और केलांग में भारी बर्फबारी दर्ज की गई। निचले इलाकों धर्मशाला, पालमपुर, सोलन, नाहन और ऊना में बारिश से तापमान में गिरावट आई है। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के लिए यह बारिश-बर्फबारी राहत लेकर आई है। हालांकि भारी बर्फ के चलते भारत-तिब्बत रोड समेत कई मार्गों पर यातायात रोकना पड़ा है और किन्नौर व शिमला जिले के कुछ इलाके अस्थायी रूप से कट गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग से वैष्णो देवी तक बर्फ
जम्मू-कश्मीर में भी एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में कई इंच ताजा बर्फ जम गई है। कुपवाड़ा, शोपियां और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में भी हिमपात हुआ है। श्रीनगर समेत घाटी के मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं और एहतियातन बिजली आपूर्ति बाधित करनी पड़ी।
जम्मू क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें बंद कर दी गईं। त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र में भी इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिसके चलते यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित करनी पड़ी। प्रतिकूल मौसम को देखते हुए पहाड़ी जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
लंबे इंतजार के बाद हुई यह बारिश और बर्फबारी जल स्रोतों, पर्यटन और कृषि के लिए फायदेमंद है, लेकिन साथ ही बदलते जलवायु पैटर्न की ओर भी इशारा करती है। आज हुई बारिश रबी की गेहूं, सरसों जैसी फसलों के लिए भी अच्छी है हालांकि, कुछ जगह ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है।

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