हरियाणा अंतर्देशीय मत्स्य पालन में अग्रणी राज्य बनकर उभरा, 2 लाख टन मछली उत्पादन
हरियाणा के मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा देश का प्रमुख लैंडलॉक्ड मछली उत्पादक राज्य बनकर उभरा है। राज्य ने 23,850 हेक्टेयर जल क्षेत्र से कुल 2.04 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया है।
हरियाणा अंतर्देशीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य के कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा ने 23,850 हेक्टेयर जल क्षेत्र से कुल 2.04 लाख टन मछली उत्पादन किया है।
हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय मत्स्य पालन सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा में 166 करोड़ मछली बीज का उत्पादन हुआ है। लैंडलॉक्ड राज्यों में पंजाब पहले और हरियाणा दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि तालाब आधारित और अंतर्देशीय जल मत्स्य पालन के जरिये लैंडलॉक्ड राज्य देश के कुल मत्स्य उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन तटीय राज्यों की तुलना में इन्हें अपेक्षाकृत कम वित्तीय सहायता मिलती है, जिसका असर मछली पालकों और राज्य की जीडीपी पर पड़ता है।
मंत्री राणा ने बताया कि हरियाणा में मत्स्य पालन को वैकल्पिक आजीविका के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। बेहतर लाभ के कारण कई किसान पारंपरिक कृषि से मछली पालन की ओर बढ़ रहे हैं। बीज गुणवत्ता सुधार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी जिलों में ब्लॉक स्तर पर मछली बीज बैंक सुनिश्चित किए गए हैं।
भुवनेश्वर स्थित सीफा से आनुवंशिक रूप से सुधरी प्रजातियां प्राप्त कर उच्च गुणवत्ता वाला ब्रुड स्टॉक तैयार किया जा रहा है, जिससे उत्पादकता बढ़ी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मछली बीज प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय दिशा निर्देश और योजनाएं जारी करने का आग्रह किया ताकि सभी राज्यों में गुणवत्ता वाले बीज की एकसमान उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
मत्स्य पालन मंत्री ने बताया कि मछली पालकों और उद्यमियों को दिल्ली की गाजीपुर और आजादपुर मंडियों की तर्ज पर सोनीपत के गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट में समर्पित स्थान प्रदान किया गया है। उन्होंने हरियाणा में मत्स्य पालन हेतू बढ़ा हुआ बजटीय समर्थन प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया और केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह के निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
केंद्र के समक्ष कई प्रस्ताव
श्याम सिंह राणा ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष कई प्रस्ताव रखे। इनमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, यमुनानगर और पंचकूला में आधुनिक थोक मछली बाजार स्थापित करना शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये है। साथ ही करनाल में मछली प्रसंस्करण इकाई और सिरसा में झींगा प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा। उन्होंने बताया कि पंचकूला में विश्व स्तरीय एक्वेरियम हाउस बनाने की भी योजना है, जिसकी अनुमानित लागत 1,000 करोड़ रुपये है।
गुरुग्राम के गांव सुल्तानपुर में पांच एकड़ भूमि राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के क्षेत्रीय केंद्र के लिए हस्तांतरित की गई है, जिससे हरियाणा और पड़ोसी राज्यों को लाभ मिलेगा। मंत्री ने केंद्रीय मत्स्य पालन मंत्रालय से 2026-27 में लैंडलॉक्ड राज्यों पर विशेष ध्यान देने और उनकी चुनौतियों पर हरियाणा में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का आग्रह किया।

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