नए सीजन में चीनी उत्पादन 12.85 लाख टन पहुंचा, अब तक 184 मिलों में पेराई शुरू
वर्ष 2026-27 के चीनी सत्र में 5 नवंबर तक 184 मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो चुकी थी और चीनी उत्पादन 12.85 लाख टन पहुंच गया। महाराष्ट्र उत्पादन में सबसे आगे है। चीन उद्योग संगठन इस्मा को आने वाले दिनों में उत्पादन बढ़ने और घरेलू उपलब्धता पर्याप्त रहने की उम्मीद है।
अक्टूबर से शुरू हुए 2026-27 चीनी वर्ष में 5 नवंबर तक देश की 184 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो चुकी थी, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक 154 मिलों में काम शुरू हुआ था। इस दौरान चीनी उत्पादन 12.85 लाख टन पर पहुंच गया, जो पिछले साल के 3.20 लाख टन का चार गुना है। हालांकि इस वर्ष पेराई जल्दी शुरू होने के कारण गन्ने से चीनी की रिकवरी पर सवाल उठ रहे हैं।
महाराष्ट्र में मिलों के जल्दी चालू होने और दूसरे राज्यों में पेराई शुरू होने के साथ उत्पादन में तेजी आई है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में उत्पादन और बढ़ेगा।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक उत्पादन
इस्मा के अनुसार महाराष्ट्र में 5 नवंबर तक 136 मिलों ने पेराई शुरू कर दी थी और वहां 10.78 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। पिछले साल इसी तारीख तक राज्य की 101 मिलों में पेराई शुरू हुई थी और उत्पादन 1.23 लाख टन था।
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और मध्य क्षेत्र की 19 मिलों ने काम शुरू कर दिया है। इनसे अब तक 20 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ है। राज्य की पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर शेष मिलों के अगले कुछ दिनों में चालू होने की उम्मीद है। मध्य उत्तर प्रदेश की मिलें दीपावली के बाद पेराई शुरू कर सकती हैं।
कर्नाटक में सात मिलों ने अब तक 90 हजार टन चीनी का उत्पादन किया है। राज्य की मुख्य सत्र वाली मिलों का संचालन किसानों से जुड़े मुद्दों के समाधान के बाद शुरू होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में भी सात मिलों ने 64 हजार टन चीनी का उत्पादन किया है। गुजरात में 12 और तेलंगाना में तीन मिलों ने भी पेराई शुरू कर दी है।
पिछले साल से उत्पादन अधिक
इस्मा के आंकड़ों के अनुसार, 5 नवंबर तक देश में कुल 184 मिलें चालू थीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 154 मिलों में पेराई हो रही थी। इस वर्ष अब तक 12.85 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 3.20 लाख टन था। इस्मा के महानिदेशक दीपक बल्लानी के अनुसार, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में और मिलों के चालू होने के साथ चीनी उत्पादन में तेजी आने की उम्मीद है।
इस्मा का अनुमान है कि पिछले चीनी सत्र से करीब 36 लाख टन चीनी का शुरुआती भंडार उपलब्ध है। संगठन का मानना है कि इस भंडार और नए सत्र में बढ़ते उत्पादन को देखते हुए घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी।

Join the RuralVoice whatsapp group



















