मई में अनाज और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी, 2026-27 में वैश्विक अनाज उत्पादन घटने की आशंकाः एफएओ

मई 2026 में एफएओ खाद्य मूल्य सूचकांक लगभग स्थिर रहा क्योंकि वनस्पति तेलों की कीमतों में गिरावट ने अनाज और चीनी की बढ़ती कीमतों के असर को संतुलित कर दिया। एफएओ ने मौसम, ऊर्जा लागत और व्यापार मार्गों से जुड़े जोखिमों की चेतावनी दी है। 2026-27 में वैश्विक अनाज उत्पादन 2% घटने का अनुमान है।

मई में अनाज और चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी, 2026-27 में वैश्विक अनाज उत्पादन घटने की आशंकाः एफएओ

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में वैश्विक खाद्य कीमतें लगभग स्थिर रहीं। अनाज और चीनी की कीमतों में वृद्धि हुई, लेकिन वनस्पति तेलों की कीमतों में आई तेज गिरावट ने कुल खाद्य मूल्य सूचकांक पर दबाव को संतुलित कर दिया। एफएओ का खाद्य मूल्य सूचकांक मई में औसतन 130.8 अंक पर रहा। यह अप्रैल के संशोधित स्तर की तुलना में 0.2 प्रतिशत कम था, लेकिन पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.9 प्रतिशत अधिक रहा।

एफएओ ने चेतावनी दी है कि प्रतिकूल मौसम, बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक व्यापार मार्गों से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं खाद्य बाजारों के लिए जोखिम बनी हुई हैं। एफएओ के बाजार एवं व्यापार प्रभाग के निदेशक बूबाकर बेन-बेलहासेन ने कहा, “वैश्विक खाद्य बाजारों ने अब तक मजबूती दिखाई है, लेकिन अनाज की बढ़ती कीमतें मौसम संबंधी जोखिमों तथा ऊर्जा और कृषि इनपुट की आपूर्ति में व्यवधानों के प्रति बाजार की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं।” उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापार मार्गों में जारी अनिश्चितता उर्वरकों के उपयोग को प्रभावित कर सकती है और खाद्य कीमतों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।

अनाज की कीमतों में तेजी

एफएओ अनाज मूल्य सूचकांक मई में अप्रैल की तुलना में 2.6 प्रतिशत बढ़ा और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत ऊंचा रहा। ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती लागत तथा मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण सभी प्रमुख अनाजों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।

गेहूं की वैश्विक कीमतों में महीने-दर-महीने 3.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एफएओ के अनुसार अमेरिका सहित प्रमुख निर्यातक देशों में कम उत्पादन की आशंका इसके पीछे प्रमुख कारण है। अमेरिका में शीतकालीन गेहूं की फसल की स्थिति कई दशकों में सबसे खराब स्तरों में बताई जा रही है। मई 2026 में अमेरिकी हार्ड रेड विंटर गेहूं की कीमतें मई 2025 की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक थीं।

मक्का की कीमतों में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके पीछे प्रमुख बाजारों से मजबूत आयात मांग, ब्राजील और अमेरिका में सीमित उपलब्धता तथा ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के कारण एथेनॉल उद्योग की बढ़ी मांग रही। चावल की कीमतों में भी मजबूती देखी गई। एफएओ ऑल-राइस प्राइस इंडेक्स अप्रैल की तुलना में 2.7 प्रतिशत बढ़ा। प्रमुख एशियाई निर्यातक देशों में मौसम संबंधी चिंताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार को समर्थन दिया।

वनस्पति तेलों में गिरावट

अनाज के विपरीत, एफएओ वनस्पति तेल मूल्य सूचकांक अप्रैल की तुलना में 4.6 प्रतिशत गिर गया। यह वर्ष 2026 में इसकी पहली मासिक गिरावट है। पाम ऑयल की कीमतों में गिरावट की वजह वैश्विक आयात मांग कमजोर रहने की आशंका और ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता रही। सोयाबीन तेल की कीमतों में मिश्रित रुझान देखा गया। दक्षिण अमेरिका से निर्यात योग्य आपूर्ति बढ़ने से कीमतों पर दबाव पड़ा, जबकि उत्तरी अमेरिका में बायोफ्यूल की मजबूत मांग ने समर्थन दिया। वहीं रेपसीड और सूरजमुखी तेल की कीमतें सीमित आपूर्ति के कारण बढ़ीं।

अल नीनो की आशंका से चीनी महंगी

मई में सबसे तेज वृद्धि चीनी की कीमतों में दर्ज की गई। एफएओ चीनी मूल्य सूचकांक 7.5 प्रतिशत बढ़ गया। इस तेजी का मुख्य कारण यह अनुमान रहा कि ब्राजील में गन्ने की फसल का बड़ा हिस्सा चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा संभावित अल नीनो परिस्थितियों के कारण भारत और थाईलैंड में अगले वर्ष चीनी उत्पादन प्रभावित होने की आशंकाओं ने भी कीमतों को सहारा दिया।

मांस और डेयरी बाजार में मिला-जुला रुख

डेयरी मूल्य सूचकांक अप्रैल की तुलना में 0.5 प्रतिशत घटा। इसका मुख्य कारण मक्खन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट रही। पनीर की कीमतें लगभग स्थिर रहीं, जबकि स्किम्ड मिल्क पाउडर की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई। होल मिल्क पाउडर की कीमतों में अलग-अलग बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। एफएओ मांस मूल्य सूचकांक में 0.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई। 

2026-27 में वैश्विक अनाज उत्पादन घटने का अनुमान

एफएओ ने अपने ताजा अनाज आपूर्ति एवं मांग आकलन में कहा है कि 2026-27 सीजन में वैश्विक अनाज उत्पादन 2.982 अरब टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत कम होगा। यह गिरावट ऐसे समय में अनुमानित है जब 2025-26 में वैश्विक अनाज उत्पादन रिकॉर्ड 3.043 अरब टन तक पहुंच गया था। रिकॉर्ड उत्पादन के कारण वैश्विक अनाज भंडार में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

एफएओ के अनुसार 2026-27 में वैश्विक अनाज खपत में केवल 0.6 प्रतिशत वृद्धि होने की संभावना है, जबकि पिछले सीजन में यह वृद्धि 2.7 प्रतिशत रही थी। वैश्विक अनाज भंडार में 0.3 प्रतिशत की मामूली कमी आने का अनुमान है, जिसका मुख्य कारण चावल के भंडार में संभावित गिरावट होगी। इसके बावजूद वैश्विक स्टॉक-टू-यूज अनुपात 31.7 प्रतिशत पर बना रहेगा, जो अपेक्षाकृत आरामदायक स्थिति को दर्शाता है।

वैश्विक अनाज व्यापार भी अगले वर्ष 0.3 प्रतिशत घटकर 50.72 करोड़ टन रहने का अनुमान है। गेहूं और जौ के व्यापार में कमी, मक्का और चावल के व्यापार में होने वाली बढ़ोतरी को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पाएगी। एफएओ ने कहा कि वैश्विक व्यापार मार्गों पर जारी तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और उर्वरकों की बढ़ती लागत आने वाले महीनों में वैश्विक खाद्य बाजारों की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे।

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