आईसीए-एशिया प्रशांत के अध्यक्ष बने डॉ. चंद्रपाल सिंह

डॉ चंद्रपाल सिंह यादव को इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (आईसीए) के एशिया प्नशांत क्षेत्र का अध्यक्ष चुना गया है। डॉ. यादव वर्तमान में कृषक भारती सहकारी लिमिटेड (कृभको) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने सियोल (दक्षिण कोरिया) में हुए चुनाव में यह जीत हासिल की। पहली बार किसी भारतीय को इस पद के लिए चुना गया है

आईसीए-एशिया प्रशांत के अध्यक्ष बने डॉ. चंद्रपाल सिंह

डॉ चंद्रपाल सिंह यादव को  इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (आईसीए)  के एशिया प्नशांत क्षेत्र का अध्यक्ष चुना गया है। डॉ. यादव वर्तमान में कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड (कृभको) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के सिओल में 30 नवंबर को हुए चुनाव में यह जीत हासिल की। पहली बार किसी भारतीय को इस पद के लिए चुना गया है। 

इस चुनाव में डॉ. यादव को 185 वोट मिले थे जबकि जापान के उनके प्रतिद्वंद्वी चितोस अराय को सिर्फ 83 वोट मिले थे.।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता की राजनीति में भारत की सौ से अधिक मतों से जीत बहुत बड़ी बात है।

भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) की संचालन परिषद के सदस्य डॉ. यादव इस बार आईसीए के इस पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन (आईसीए) एक विश्व स्तरीय सहकारी संघ है, जो दुनिया भर में सहकारी आंदोलन का प्रतिनिधित्व करता है।

इसकी स्थापना 1895 में दुनिया भर में सहकारी समितियों को एकजुट करने के लिए की गई थी। वर्तमान में 112 देशों की कुल 318 सहकारी समितियां इसके सदस्य हैं। जिसके माध्यम से यह संगठन दुनिया भर में लगभग एक अरब व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है।

गठबंधन के सदस्य अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में काम करते हैं, जिनमें कृषि, बैंकिंग, उपभोक्ता, मत्स्य पालन, स्वास्थ्य, आवास, बीमा और श्रम शामिल हैं। सहकारी समितियां अपने सदस्यों के स्वामित्व वाले मूल्य आधारित व्यवसाय हैं, चाहे वे ग्राहक हों, कर्मचारी हों या निवासी हों, सदस्यों को व्यवसाय में समान अधिकार और हिस्सेदारी मिलती है।

आईसीए में 20 शासी सदस्यीय बोर्ड, एक महासभा, चार क्षेत्र (अफ्रीका, यूरोप, एशिया-प्रशांत और अमेरिका के लिए एक-एक), क्षेत्रीय संगठन और विषयगत समितियां शामिल हैं।लगभग 34 देशों के 100 से अधिक सदस्यों के साथ एशिया प्रशांत अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन का गठन किया गया था। आईसीए एशिया पैसिफिक का मुख्यालय वर्तमान में नई दिल्ली में है।

डॉ. यादव अपने गांव में प्राथमिक सहकारी समितियों से शुरू होकर भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) के अध्यक्ष के पद तक पहुंचने के लिए 30 से अधिक वर्षों से भारतीय सहकारिता आंदोलन के अग्रणी नेता रहे हैं। जिन्होंने हाल के दिनों में राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। इससे पहले, वह में झांसी निर्वाचन क्षेत्र से 14 वीं लोकसभा के सदस्य थे ।