वैश्विक अनाज उत्पादन 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा, खपत बढ़ने के बावजूद भंडार में सुधार की उम्मीदः आईजीसी

इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) ने 2025-26 के लिए वैश्विक अनाज उत्पादन 247 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है। हालांकि इसने 2026-27 में उत्पादन में गिरावट की आशंका भी जताई है।

वैश्विक अनाज उत्पादन 2025-26 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचेगा, खपत बढ़ने के बावजूद भंडार में सुधार की उम्मीदः आईजीसी

इंटरनेशनल ग्रेन्स काउंसिल (IGC) ने 2025-26 विपणन वर्ष में वैश्विक अनाज उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई है। इसने मक्का और गेहूं के उत्पादन में वृद्धि को प्रमुख कारण बताया है, जबकि खपत में भी बढ़ोतरी जारी रहने का अनुमान है।

कुल अनाज उत्पादन (गेहूं और मोटे अनाज सहित) का अनुमान महीने-दर-महीने एक करोड़ टन बढ़ाकर 247 करोड़ टन कर दिया गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से मक्का उत्पादन (भारत सहित) और रूस व ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख निर्यातक देशों में गेहूं उत्पादन बढ़ने के कारण है।

आईजीसी का कहना है कि बढ़ी हुई आपूर्ति का अधिकांश हिस्सा खपत में वृद्धि से समाहित हो जाएगा। खपत का अनुमान 80 लाख टन बढ़ाकर 242.3 करोड़ टन कर दिया है। इसके साथ ही वैश्विक भंडार भी बढ़ने का अनुमान है, और सीजन के अंत में स्टॉक 63.2 करोड़ टन रहने का अनुमान है।

काउंसिल के अनुसार, 2025-26 में वैश्विक अनाज उत्पादन वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 14.3 करोड़ टन अधिक होगा, जिसमें मक्का (7.9 करोड़ टन), गेहूं (44 करोड़ टन) और जौ (1.1 करोड़ टन) में वृद्धि शामिल है। खपत भी 7.3 करोड़ टन बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। वैश्विक अनाज व्यापार 2.5 करोड़ टन बढ़कर 63.2 करोड़ टन तक पहुंच सकता है, जिसमें गेहूं और मक्का का बड़ा हिस्सा होगा।

हालांकि आईजीसी ने 2026-27 विपणन वर्ष के लिए परिस्थितियां कुछ नरम रहने का संकेत दिया है। बुवाई क्षेत्र और उत्पादकता में कमी के कारण वैश्विक अनाज उत्पादन में 2% गिरावट का अनुमान है। कुल उत्पादन 241.7 करोड़ टन रह सकता है, जो पिछले सीजन के रिकॉर्ड से 5.3 करोड़ टन कम होगा। 

खपत लगातार चौथे वर्ष बढ़ने का अनुमान है और यह 244 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। जिसका मुख्य कारण खाद्य के अलावा और औद्योगिक उपयोग में मांग में वृद्धि है। इसके परिणामस्वरूप, वैश्विक भंडार घटकर 60.9 करोड़ टन रह सकता है, जो वर्ष-दर-वर्ष 2.3 करोड़ टन कम होगा। यह गिरावट मुख्य रूप से प्रमुख निर्यातक देशों में देखी जाएगी। व्यापार कुल मिलाकर लगभग स्थिर रहने का अनुमान है।

तिलहनों में 2025-26 के लिए वैश्विक सोयाबीन उत्पादन का अनुमान 20 लाख टन घटाकर 42.6 करोड़ टन कर दिया गया है, जिसका कारण ब्राजील और भारत में उत्पादन में कमी है। इसके चलते खपत और भंडार के अनुमानों में भी मामूली कमी की गई है।

2026-27 के लिए वैश्विक सोयाबीन उत्पादन 44.2 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। पर्याप्त उपलब्धता के चलते प्रसंस्करण भी नए उच्च स्तर पर पहुंच सकता है, जबकि वैश्विक भंडार लगभग स्थिर रहने की संभावना है। व्यापार 2% बढ़कर 19 करोड़ टन तक पहुंच सकता है, जिसका मुख्य कारण दक्षिण अमेरिका से एशिया को होने वाले निर्यात हैं।

चावल के वैश्विक बाजार में 2025-26 के दौरान आपूर्ति और मांग के अनुमान में बहुत कम बदलाव हुआ है। व्यापार 2% बढ़कर 595 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। 2026-27 में रकबा बढ़ने और सामान्य उत्पादकता के आधार पर वैश्विक उत्पादन नए उच्च स्तर पर पहुंच सकता है।

खपत और व्यापार दोनों में नई ऊंचाई देखने को मिल सकती है, जिसका कारण उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में जनसंख्या वृद्धि है। वैश्विक चावल भंडार में भी वृद्धि का अनुमान है, जिसमें भारत में भंडारण बढ़ने की प्रमुख भूमिका होगी। 2026-27 में चावल व्यापार 609 लाख टन तक पहुंच सकता है।

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