एब्सोल्यूट ने केन्या में INERA के जैविक कृषि उत्पाद लांच किए, दूसरे देशों में भी विस्तार की योजना
भारतीय एआई-आधारित बायोसॉल्यूशंस कंपनी एब्सोल्यूट ने केन्या में अपने कृषि जैविक उत्पाद प्लेटफॉर्म INERA का व्यावसायिक संचालन शुरू किया है। कंपनी ने छह उत्पादों के साथ अफ्रीकी बाजार में प्रवेश किया है और 2026-27 में अफ्रीका, अमेरिका तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में विस्तार की योजना बनाई है।
भारत की एआई-आधारित बायोसॉल्यूशंस कंपनी एब्सोल्यूट ने केन्या में अपने कृषि जैविक उत्पाद कारोबार INERA का व्यावसायिक संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ कंपनी ने अफ्रीका के कृषि बाजार में प्रवेश किया है और प्रमुख वैश्विक कृषि क्षेत्रों में विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाया है।
INERA ने केन्या की एक स्थापित कृषि कंपनी के साथ साझेदारी की है, जो फूलों की खेती, विदेशी जड़ी-बूटियों और बागवानी के क्षेत्र में काम करती है। यह साझेदार स्थानीय स्तर पर उत्पादों के वितरण और विस्तार में सहयोग करेगी। INERA के शुरुआती वाणिज्यिक पोर्टफोलियो में जैविक पोषण प्रबंधन तथा पौधों की शारीरिक क्रियाओं और जलवायु सहनशीलता से जुड़े छह उत्पाद शामिल हैं।
इन उत्पादों में BioMorphX, एक पेटेंटेड बायोस्टिमुलेंट है, जिसे फसल विकास और पर्यावरणीय तनाव से जुड़ी पौधों की शारीरिक प्रतिक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए विकसित किया गया है। Phycorise को पिगमेंट विकास, कोशिका-भित्ति संबंधी गुणों और फसल की कटाई के बाद की गुणवत्ता में सहयोग के लिए तैयार किया गया है।
Baco L और Baco G बहु-प्रजातीय माइक्रोबियल पोषक उत्पाद हैं, जिनमें लाभकारी बैक्टीरिया और INERA की STREAC तकनीक शामिल है। ये जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फॉस्फोरस घुलनशीलता और पोटाश के जैविक संचलन जैसी पोषक तत्व संबंधी प्रक्रियाओं में मदद करते हैं।

Phyro सीरीज जैविक पोषक तत्वों की उपलब्धता, जड़ों के विकास और फसल की सहनशीलता बढ़ाने के लिए तैयार की गई है। कंपनी के अनुसार, भारत में इसके उत्पादों को 20 लाख से अधिक किसानों तक पहुंच मिल चुकी है।
केन्या INERA के लिए पूर्वी और पश्चिमी अफ्रीका के अन्य बाजारों में विस्तार का आधार भी बनेगा। कंपनी 2026 और 2027 के दौरान इन क्षेत्रों में नए बाजारों में प्रवेश की योजना बना रही है। इसके साथ अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी व्यावसायिक उपस्थिति बढ़ाई जाएगी।
एब्सोल्यूट के अनुसार, अफ्रीका में जैविक कृषि तकनीक की महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं। अफ्रीकी विकास बैंक के अनुसार, दुनिया की शेष बिना खेती वाली कृषि योग्य भूमि का करीब दो-तिहाई हिस्सा अफ्रीका में है, जबकि महाद्वीप में अनाज की औसत उत्पादकता वैश्विक औसत से काफी कम है।
केन्या में कृषि का सकल घरेलू उत्पाद में करीब 24% योगदान है और लगभग 72% आबादी की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर है। 2024 में केन्या का बागवानी निर्यात 136.6 अरब केन्याई शिलिंग (101 अरब रुपये) रहा, जिसमें फूलों का योगदान 72.1 अरब केन्याई शिलिंग (53.3 अरब रुपये) और फलों का करीब 41 अरब केन्याई शिलिंग (30 अरब रुपये) था।
INERA ने कहा कि वह माइक्रोबियल, पेप्टाइड और RNAi तकनीकों पर आधारित जैविक फसल-संरक्षण उत्पाद भी विकसित कर रही है। हालांकि, ये उत्पाद केन्या में शुरू किए गए शुरुआती छह उत्पादों से अलग हैं।

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