केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने नेडाक- रूरल वॉयस अवार्ड्स -2021 प्रदान किये

रूरल वॉयस की पहली वर्षगांठ के मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने नेडाक -रूरल वॉयस अवार्ड्स  2021 प्रदान किये। यह अवार्ड रूरल वॉयस एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव एंड नेडाक अवार्ड्स 2021 कार्यक्रम में दिये गये। इस पुरस्कार से एशिया-पैसिफिक रूरल एंड एग्रीकल्चरल क्रेडिट यूनियन (अपराका), बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव्स (बाक), नेशनल कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड (एनसीबीएल) और हरियाणा के जींद जिले के डेयरी किसान और उद्ममी बलजीज सिंह रेढू को सम्मानित किया गया

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने नेडाक- रूरल वॉयस अवार्ड्स -2021 प्रदान किये

रूरल वॉयस की पहली वर्षगांठ के मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने नेडाक -रूरल वॉयस अवार्ड्स  2021 प्रदान किये। यह अवार्ड रूरल वॉयस एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव एंड नेडाक अवार्ड्स 2021 कार्यक्रम में दिये गये। इस पुरस्कार से एशिया-पैसिफिक रूरल एंड एग्रीकल्चरल क्रेडिट यूनियन (अपराका), बैंकाक, बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव्स (बाक), बैंकाक, नेशनल कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड  (एनसीबीएल) नेपाल और हरियाणा के जींद जिले के डेयरी किसान और उद्ममी बलजीत सिंह रेढू को सम्मानित किया गया।

एशिया-पैसिफिक रूरल एंड एग्रीकल्चरल क्रेडिट यूनियन (अपराका) को सहकारिता और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के  लिए  दिया गया। अपराका का सचिवालय थाईलैंड के बैंकॉक में स्थित है। एशिया-पैसिफिक रीजन के 24 देशों में 87 संस्थानों को सपोर्ट करता है। ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में ऋण में स्थिरता के व्यापक उद्देश्य के लिए सदस्य संस्थानों के साथ मिलकर अपराका काम कर  रहा है ताकि वह अपनी क्षमता का निर्माण कर सकें और निवेश को बढ़ावा दे सकें। अपराका  कमजोर समुदायों के लिए सामाजिक पूंजी के लिए एफएओ, आईएफएडी, यूएनसीडीएफ, विश्व बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी शामिल है। यह पुरस्कार नाबार्ड के रीजनल हेड आरवी रामकृष्णन ने प्राप्त किया। इस समय नाबार्ड अपराका का चेयरमैन है। 

पुरस्कार पाने वाले में बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव्स (बाक) बैंकाक, 1966 में स्थापित सरकारी स्वामित्व वाला एक विशेष फाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइडर है। बैंक का मुख्य उद्देश्य किसानों, किसान संघों और कृषि सहकारी समितियों को कृषि और अन्य कृषि से संबंधित व्यवसाय के संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसका दृष्टिकोण किसानों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार के लिए एकीकृत वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाले आधुनिक प्रबंधन के साथ एक सुरक्षित ग्रामीण विकास बैंक बनना है। बैंक,अपने 11 क्षेत्रीय प्रशासन विभागों के माध्यम से, पूरे देश में 77 प्रांतीय कार्यालयों, 1,020 शाखाओं और 252 उप-शाखाओं के साथ काम कर रहा है। बाक का कारोबार 100  बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। बाक को पिछले 7 वर्षों से लगातार राज्य के स्वामित्व वाला सर्वश्रेष्ठ उद्यम घोषित किया गया है। 

नेशनल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (एनबीसीएल), नेपाल वहां के राष्ट्रीय सहकारी बैंक के रूप में काम कर रहा है, जिसकी स्थापना 2003 में हुई थी।  सहकारी समितियों की लंबी और निरंतर मांग और प्रयासों के बाद, एक अलग बैंक स्थापित करने के महत्व का आकलन करते हुए नेपाल सरकार ने देश में सहकारी समितियों को विशेष सहायता प्रदान करने के लिए नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए एक संस्थान के रूप में सिफारिश की गई थी। सहकारी अधिनियम, 1992 में संशोधन किया गया। एनबीसीएल पिछले 17 वर्षों से सफलतापूर्वक सहकारी बैंकिंग व्यवसाय कर रहा है।

हरियाणा के जींद जिले के श्री बलजीत सिंह रेढू को भी इस मौके पर नेडाक- रूरल वॉयस अवार्ड 2021 से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1996 में 100 पॉल्ट्री बर्ड  के साथ अपने ही गांव बोहतवाला में एक छोटी सी हैचरी स्थापित कर कारोबार शुरू किया। इसके बाद उन्होंने मुर्रा भैंस की नस्ल को संवारने और बेहतर करने पर काम किया। इस समय उनके फार्म मेंं एक जगह सैकड़ों मुर्रा भैंस हैं उनकी नस्ल काफी  बेहतर है। वह दुनिया के नक्शे पर इसके लिए हरियाणा की पहचान बना रहे हैं। रेढ़ू ने अपने गांव में नवीनतम तकनीक और उपकरणों के साथ एक आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने लक्ष्य ब्रांड नाम से जींद के कंडेला गांव में एक दूध प्रसंस्करण संयंत्र भी स्थापित किया है। वह हर रोज एक लाख लीटर दूध की खऱीद किसानों से करते हैं और इस सारी मात्रा का प्रसंस्करण कर वैल्यू एडिड उत्पाद तैयार कर उनकी मार्केेटिंग करते हैं। रेढ़ू की शिक्षित किसान- उद्यमी की पृष्ठभूमि है। भैंस की नस्ल को संवारने और संरक्षण के साथ वह बड़ी संख्या में अपने कारोबार के जरिये गांव के युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहे हैं।