एपीडा ने आहार 2026 में भारत की कृषि-खाद्य निर्यात क्षमता प्रदर्शित की

एपीडा ने नई दिल्ली में आयोजित AAHAR 2026 सम्मेलन में भारत की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात क्षमता को प्रदर्शित किया। पवेलियन में 100 से अधिक प्रतिभागी, राज्यों के स्टॉल, निर्यात केंद्रित प्रदर्शन और नई शोध रिपोर्टों के माध्यम से भारत के बढ़ते कृषि-खाद्य निर्यात तथा वैश्विक बाजार अवसरों को रेखांकित किया गया।

एपीडा ने आहार 2026 में भारत की कृषि-खाद्य निर्यात क्षमता प्रदर्शित की

एपीडा (APEDA) ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित आहार 2026 के 40वें संस्करण में भारत की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की निर्यात क्षमता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन 10-14 मार्च तक हो रहा है। एपीडा के पवेलियन में निर्यातकों, राज्य सरकारों, उत्पादक संगठनों, इनोवेशन आधारित उद्यमों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को एक मंच पर लाया गया। इसका उद्देश्य भारत की विविध कृषि-निर्यात श्रृंखला को प्रदर्शित करना और देसी-विदेशी खरीदारों के साथ व्यावसायिक संपर्क को बढ़ावा देना था।

इसका उद्घाटन केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया जिसमें इटली ने सहभागी देश के रूप में भाग लिया। अपने मुख्य भाषण में गोयल ने कहा कि भारत का खाद्य और कृषि क्षेत्र वैश्विक अवसरों के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात अब सालाना 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जिससे भारत दुनिया के प्रमुख कृषि-खाद्य निर्यातकों में शामिल हो गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, फलों, दालों और सब्जियों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो देश के किसानों, मछुआरों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की क्षमताओं को दर्शाती है। मंत्री ने निर्यात के अवसरों के विस्तार में व्यापार समझौतों की भूमिका को भी रेखांकित किया। भारत ने हाल ही संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड के साथ और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के अन्य सदस्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इसके अलावा भारत जापान, दक्षिण कोरिया, इंग्लैंड, ओमान और मॉरीशस जैसे देशों के साथ सहयोग को मजबूत कर रहा है, जबकि कनाडा के साथ व्यापार वार्ता जारी हैं।

मंत्री के अनुसार, इन समझौतों के माध्यम से भारतीय उत्पादों को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक वरीयता प्राप्त बाजार पहुंच मिल रही है। इससे किसानों, एमएसएमई और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए उच्च मूल्य वाले बाजारों तक पहुंचने के नए अवसर खुल रहे हैं।

एपीडा (APEDA) पवेलियन का उद्घाटन वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितिन कुमार यादव ने एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव और आईटीपीओ के प्रबंध निदेशक नीरज खरवाल के साथ किया।

कार्यक्रम के दौरान एपीडा ने खीरा, काजू, अनानास और अनार पर तैयार शोध रिपोर्ट भी जारी कीं, जिन्हें इक्रियर (Indian Council for Research on International Economic Relations) के सहयोग से तैयार किया गया है। इन रिपोर्टों में आपूर्ति श्रृंखलाओं, निर्यात संभावनाओं और वैश्विक बाजारों में भारत की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों का विश्लेषण किया गया है।

एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा के तहत, क्षेत्र-विशेष कृषि उत्पादों के लिए पैकेजिंग डिजाइन समाधान और तकनीकी मानकों की शुरुआत की गई, जिन्हें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से विकसित किया गया है। यह पहल विशेष रूप से जीआई-टैग और ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ और निर्यात बाजारों में उत्पाद की प्रस्तुति को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। इस पहल के अंतर्गत शामिल उत्पादों में असम का कार्बी आंगलोंग अदरक, महाराष्ट्र की जी-4 मिर्च और जलगांव केला, असम का काजी नेमु तथा उत्तर प्रदेश का प्रयागराज सुरखा अमरूद शामिल हैं।

AAHAR 2026 दक्षिण एशिया में खाद्य और आतिथ्य उद्योग के लिए सबसे बड़े बी2बी मंचों में से एक है, जो कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में नेटवर्किंग, उत्पाद प्रचार और ज्ञान आदान-प्रदान के अवसर प्रदान करता है। इसमें अपनी भागीदारी के माध्यम से APEDA ने उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पादन, वैल्यू एडिशन और निर्यात-उन्मुख आपूर्ति शृंखलाओं में भारत की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित किया, साथ ही वैश्विक कृषि-खाद्य बाजारों में देश की उपस्थिति को और विस्तार देने के अवसरों को भी रेखांकित किया।

Subscribe here to get interesting stuff and updates!