एग्रोकेमिकल्स कांफ्रेंस में कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण सेक्टर

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए कृषि क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी प्रासंगिकता सिद्ध किया है। जिसके चलते कृषि आधारित उद्योग की स्थिति बहुत संतोषजनक बनी हुई है, इसलिए सरकार द्वारा कृषि सेक्टर लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित 10वें फिक्की एग्रोकेमिकल्स सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं

एग्रोकेमिकल्स कांफ्रेंस में कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण सेक्टर

नईदिल्ली, 23 ,सितंबर,2021

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए कृषि क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी प्रासंगिकता सिद्ध किया है। कोरोना के संकट काल में भी कृषि क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है जिसके चलते कृषि आधारित उद्योग की स्थिति बहुत संतोषजनक बनी हुई है, इसलिए सरकार द्वारा कृषि सेक्टर लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित 10वें फिक्की एग्रोकेमिकल्स सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।

इस सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए  कृषि मंत्री ने कहा कि भारत कई फसलों के सबसे अधिक कृषि उपज के मामले में दुनिया में पहले या दूसरे स्थान पर है और हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि देश इस दिशा में आगे बढ़ता रहे। भारत कृषि उपज के निर्यात में दुनिया के शीर्ष 10 में शामिल हो गया है, किसानों और देश में इस स्थिति को आगे बढ़ाने की इच्छा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है खेती में रुचि बढ़े और किसानों की आय दोगुनी हो. इस दिशा में कई योजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि रासायनिक उद्योग को नकारा नहीं जा सकता लेकिन इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि प्रकृति की देखभाल कर किसान किस प्रकार अधिक लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी वस्तु का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल उचित नहीं है। इसलिए कोशिश करें कि जैविक/प्राकृतिक खेती करें और इसके अलावा खेती में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यदि कोई मनुष्य या वर्ग प्रकृति के विरुद्ध जाता है तो उसका परिणाम भी देखने को मिलता है, इसलिए जिन प्रयोगों से किसानों को अधिक लाभ मिलता है, उस दिशा में जाने का प्रयास करना चाहिए।

तोमर ने कहा कि फिक्की जैसा विशाल संगठन प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से देश के विकास में योगदान दे रहा है। आज के सम्मेलन का विषय है: भारत @ 75: आत्मनिर्भर भारत के लिए कृषि रसायन उद्योग के सतत विकास को गति देना।

यह सम्मेलन कीटनाशक प्रबंधन में रासायनिक कीटनाशकों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है, क्योंकि समय-समय पर लक्ष्य आधारित और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों का विकास किया जा रहा है। एग्रोकेमिकल्स सम्मेलन के 10वें संस्करण को केंद्रीय रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा भगवंत खुबा, नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, पीटर फोर्ड, कोर्टेवा एग्रीसाइंस एशिया पैसिफिक के अध्यक्ष और धानुका ग्रुप के चेयरमैन फिक्की की क्रॉप प्रोटेक्शन कमेटी के चेयरमैन आर.जी. अग्रवाल ने भी संबोधित किया।