सरकार ने ज्यादा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क हटाया, लेकिन सबसे अधिक बिकने वाला E20 इस छूट से बाहर

सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रित (ब्लेंडेड) पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क खत्म कर दिया है। यह छूट E22, E25, E27 और E30 ईंधन मिश्रणों पर लागू होगी। हालांकि पेट्रोल खरीदने वाले ज्यादातर ग्राहकों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि E20 पेट्रोल को इस छूट से बाहर रखा गया है।

सरकार ने ज्यादा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क हटाया, लेकिन सबसे अधिक बिकने वाला E20 इस छूट से बाहर

सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रित (ब्लेंडेड) पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क खत्म कर दिया है। यह छूट E22, E25, E27 और E30 ईंधन मिश्रणों पर लागू होगी। हालांकि पेट्रोल खरीदने वाले ज्यादातर ग्राहकों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि E20 पेट्रोल को इस छूट से बाहर रखा गया है।

E22, E25, E27 और E30 का मतलब है कि इन ईंधनों में क्रमशः  22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिलाया जाता है। इनमें पेट्रोल की मात्रा क्रमशः 78%, 75%, 73% और 70% होती है। E20 में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इस समय देश में चलने वाले ज्यादातर पेट्रोल वाहनों के इंजन E20 ईंधन के लिए ही ट्यून किए गए हैं।

अधिक एथेनॉल का उपयोग करने के लिए वाहन बनाने वाली कंपनियां अब फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां लेकर आ रही हैं, हालांकि अभी इनकी संख्या बहुत कम है। पिछले दिनों मारुति ने ऐसा ही एक मॉडल लांच किया। 

एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में लगभग एक-तिहाई कम होती है, इसलिए उपभोक्ताओं को इस अंतर की भरपाई के लिए कीमत में कमी दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पिछले दिनों कहा था कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां E20 पेट्रोल की तुलना में E85 ईंधन को 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता रखने पर विचार कर रही हैं।

ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी को देखते हुए सरकार देश में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करना चाहती है। इसी के मद्देनजर एथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार की योजना दिल्ली-एनसीआर, पुणे, मुंबई और नागपुर में 50 से 100 एथेनॉल ईंधन स्टेशन शुरू करने तथा 2026 के अंत तक ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 500 करने की है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने के बाद पिछले महीने पेट्रोल की कीमतों में 7.53 रुपये और डीजल की कीमतों में 7.58 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। इससे पहले लगभग चार वर्षों तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम घटने पर भी घरेलू बाजारों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर थे।

सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) की उपमहानिदेशक भारती बालाजी ने कहा, “केंद्र सरकार द्वारा E22, E25, E27 और E30 ईंधनों को उत्पाद शुल्क से मुक्त करने का निर्णय एक ऐतिहासिक कदम है, जो भारत के एनर्जी ट्रांजिशन को गति देगा। इससे हमारी अतिरिक्त एथेनॉल उत्पादन क्षमता के उपयोग के लिए स्पष्ट व्यावसायिक अवसर पैदा होगा, जो वर्तमान में E20 कार्यक्रम की जरूरतों से कहीं अधिक है। AIDA लंबे समय से यह मांग करता रहा है कि एथेनॉल मिश्रण के लक्ष्यों के अनुरूप वित्तीय प्रोत्साहन भी बढ़ाए जाएं, और आज की घोषणा इसी के मुताबिक है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, कच्चे तेल के आयात पर खर्च कम होगा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा और सुदृढ़ होगी। हम राज्य सरकारों से भी आग्रह करते हैं कि वे इस कदम के अनुरूप अपने कर ढांचे में बदलाव करें, ताकि इसका पूरा लाभ उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों तक पेट्रोल पंप स्तर पर पहुंच सके।”

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