राजस्थान में गेहूं खरीद मानकों में छूट, चमक में कमी 50 फीसदी और सिकुड़े दानों की सीमा 15 फीसदी तक बढ़ाई

केंद्र सरकार ने राजस्थान में गेहूं खरीद के लिए गुणवत्ता मानकों में ढील दी है। राजस्थान में अब 50% तक चमकहीन (Luster Loss) और 15% तक सिकुड़े/टूटे दानों वाले गेहूं की सरकारी खरीद एमएसपी पर हो सकेगी।

राजस्थान में गेहूं खरीद मानकों में छूट, चमक में कमी 50 फीसदी और सिकुड़े दानों की सीमा 15 फीसदी तक बढ़ाई
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण देश के कई राज्यों में गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें भीगने से गेहूं की चमक खो गई (Luster Loss) और दाने सिकुड़ गए हैं। ऐसे में सरकारी खरीद के लिए गुणवत्ता मानकों में छूट दिए जाने की मांग उठ रही है। 
इस बीच, केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने राजस्थान में गेहूं खरीद के मानकों में ढील देने का फैसला किया है। राजस्थान सरकार के मंत्री हीरालाल नागर ने यह जानकारी देते हुए ट्वीट किया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की उपज खरीद के मानकों में छूट प्रदान करते हुए राज्य के समस्त जिलों में गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है। किसानों के हित में बड़ा निर्णय बताते हुए उन्होंने इसका श्रेय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अपने प्रयासों को दिया। 
राजस्थान में चमक खो चुके गेहूं की स्वीकार्य सीमा 50% कर दी है। जबकि सिकुड़े और टूटे अनाज की सीमा 6% से बढ़ाकर 15% तय की गई है। इसी तरह क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
हालांकि, इस बाबत केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा केवल राजस्थान को गेहूं खरीद मानकों में छूट देने पर कई सवाल उठ रहे हैं। बारिश और ओलावृष्टि से पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदश सहित कई राज्यों में गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। इसलिए अन्य राज्यों में भी खरीद मानकों में रियायत दिए जाने की मांग उठ रही है। 
मानकों में छूट के तहत खरीदे गए गेहूं का भंडारण और हिसाब अलग से रखा जाएगा। प्राथमिकता के आधार पर इसकी निकासी होगी। इस गेहूं की खपत राज्य में ही करनी होगी। इसके अलावा भंडारण के समय गुणवत्ता में कमी आने या किसी भी तरह से वित्तीय नुकसान की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। 
गेहूं खरीद मानकों में छूट से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी फसलें बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं। नियमों में ढील से किसानों की उपज आसानी से एमएसपी पर खरीदी जा सकेगी और गुणवत्ता के आधार पर होने वाला रिजेक्शन कम होगा। 
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने गेहूं पर 150 रुपये प्रति क्विंटल का एक्स्ट्रा बोनस देने की घोषणा की है, जिससे प्रभावी खरीद मूल्य 2735 रुपए/क्विंटल हो गया है जो देश के अन्य राज्यों से अधिक है।

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