पूरे देश में पहुंचा मॉनसून, दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, पश्चिमी यूपी व उत्तराखंड के लिए अलर्ट
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 9 जुलाई को पूरे देश में पहुंच गया, जो सामान्य तारीख से एक दिन लेट है। बुधवार से दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश हो रही है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मॉनसून 9 जुलाई को उत्तरी अरब सागर के शेष हिस्सों के साथ राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी क्षेत्रों में आगे बढ़ गया। इसके साथ ही मॉनसून अब पूरे भारत में पहुंच चुका है। देशभर में मॉनसून के सामान्य रूप से पहुंचने की तारीख 8 जुलाई है और इस साल इसने एक दिन की देरी से पूरे देश को कवर किया है।
कुछ दिन पहले बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक लो-प्रेशर एरिया बना था जो उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़कर एक डिप्रेशन में बदल गया। अभी दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आस-पास के इलाकों में एक स्पष्ट लो-प्रेशर एरिया है।
मौसम विभाग ने 09 जुलाई को पश्चिम उत्तर प्रदेश तथा 09–10 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा (Isolated Extremely Heavy Rainfall) होने की चेतावनी जारी की है।
जुलाई में बारिश की गतिविधियों में सुधार कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसलों को नुकसान का जोखिम भी बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश
दिल्ली-NCR में कल से भारी बारिश हो रही है। आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के कुछ हिस्सों में आधी रात से 100 मिमी. से ज़्यादा भारी बारिश हो चुकी है। अगले 24 घंटों में दिल्ली NCR में भारी बारिश होने की संभावना है।
9 से 12 जुलाई के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में; 9 से 15 जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश की संभावना है।
9 से 10 जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 9 से 11 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; 9 से 13 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है।

बारिश में कमी घटकर 14 फीसदी
भारत में 1 जून से 9 जुलाई तक मॉनसून बारिश में कमी अब घटकर सामान्य से 14 फीसदी रह गई है जो पिछले सप्ताह तक 35 फीसदी थी। देश में रोज़ाना की औसत बारिश लगातार 9वें दिन सामान्य से अधिक रही है।
लेकिन असल चुनौती का सामना मध्य और पश्चिमी भारत को आने वाले दिनों में करना पड़ सकता है। आईएमडी ने कहा है कि 9 जुलाई से महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित देश के मध्य भागों में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। वहीं, 10 जुलाई से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी वर्षा गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। 10 से 15 जुलाई के दौरान पश्चिमी, उत्तरी, मध्य राज्यों और पश्चिमी तट पर बारिश में एक बार फिर काफ़ी कमी आ सकती है।
हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत में मौसमी गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी रहने की संभावना है। आईएमडी के हालिया पूर्वानुमानों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।


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