यूपी, हरियाणा समेत 12 राज्यों के लिए पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 10,021 करोड़ रुपये जारी

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों को 10,021.42 करोड़ रुपये जारी किए हैं, ताकि 2029 तक “सभी के लिए आवास” लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा सके। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब तक 3.05 करोड़ से अधिक घर पूरे हो चुके हैं और यह योजना महिलाओं के नाम पर अधिक मकान स्वामित्व के जरिए महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा दे रही है।

यूपी, हरियाणा समेत 12 राज्यों के लिए पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 10,021 करोड़ रुपये जारी

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 12 राज्यों को 10,021.42 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसका उद्देश्य मार्च 2029 तक सरकार के “सभी के लिए आवास” लक्ष्य को गति देना है। जिन राज्यों को यह स्वीकृति राशि जारी की गई है, उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

इस मौके पर चौहान ने कहा कि पीएमएवाई-जी के तहत 4.95 करोड़ घरों के निर्माण के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 3.91 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 3.05 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, “हम केवल मकान नहीं बना रहे, बल्कि ऐसे घर तैयार कर रहे हैं जिनमें सड़क, बिजली, पेयजल, एलपीजी कनेक्शन और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।” मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार आवास विकास से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के समन्वय के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

महिला सशक्तीकरण में योजना की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए चौहान ने कहा कि पीएमएवाई-जी के तहत स्वीकृत लगभग 75 प्रतिशत मकान महिलाओं के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में हैं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की गरिमा, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय भागीदारी को मजबूती मिली है।

केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से निर्माणाधीन घरों को जल्द पूरा करने, स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने और लंबित शिकायतों का शीघ्र निपटारा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कुछ राज्य अभी तक 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप मंजूरी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं और उनसे 30 जून 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने कहा कि राज्यों ने ग्रामीण आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले ही 11,121 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी की जा चुकी थी और अब 10,021 करोड़ रुपये की नई राशि जारी की गई है, जिससे योजना के कार्यान्वयन में और तेजी आएगी। कंसल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए आवास निर्माण का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है और केंद्र एवं राज्यों के समन्वित प्रयासों से इसे समयबद्ध तरीके से हासिल किया जाएगा।

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