कीमतों पर अंकुश के लिए सरकार 19 शहरों में बफर स्टॉक से भेज रही प्याज, सड़क मार्ग से भी 1000 टन की सप्लाई
केंद्र सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण और प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बफर स्टॉक की बिक्री 19 शहरों तक बढ़ा दी है। नासिक से कांदा एक्सप्रेस के जरिए प्याज भेजा जा रहा है, जबकि करीब 1,000 MT सड़क मार्ग से पहुंचाया जा रहा है। उपभोक्ताओं को यह प्याज 35 रुपये किलो की दर से बेचा जा रहा है।
प्याज की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने और प्रमुख खपत केंद्रों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री और परिवहन बढ़ा दिया है। इसके तहत रेलवे की ‘कांदा एक्सप्रेस’ और सड़क परिवहन के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में प्याज पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने खुदरा बिक्री का दायरा बढ़ाकर 19 शहरों तक कर दिया है, जहां उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्याज के बफर स्टॉक की बिक्री प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड (PSF) के तहत 24 अगस्त से NAFED और NCCF के माध्यम से शुरू की गई थी। सरकार का कहना है कि बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति पहुंचने से दिल्ली, वाराणसी, अमृतसर और आसपास के बाजारों में कीमतों पर दबाव कम हुआ है।
नासिक से चली कांदा एक्सप्रेस
सरकार ने प्याज की लंबी दूरी तक तेज और बड़े पैमाने पर आपूर्ति के लिए रेलवे का इस्तेमाल शुरू किया है। नासिक से अब तक कांदा एक्सप्रेस की दो खेप भेजी गई हैं। पहली खेप में 450 मीट्रिक टन प्याज भेजा गया, जो 27 अगस्त की देर रात दिल्ली पहुंचा। इसमें से 140 मीट्रिक टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया, जबकि बाकी प्याज दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में वितरित किया गया।
दूसरी खेप में 840 मीट्रिक टन प्याज भेजा गया, जो 31 अगस्त को चेन्नई पहुंचा। तमिलनाडु सरकार इस प्याज को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से वितरित करेगी। इसके तहत प्रत्येक राशन कार्ड पर एक किलो प्याज उपलब्ध कराने की योजना है।
सड़क मार्ग से भी 1,000 मीट्रिक टन प्याज की आपूर्ति
रेलवे के साथ-साथ करीब 1,000 मीट्रिक टन प्याज सड़क मार्ग से प्रमुख खपत केंद्रों तक भेजा जा रहा है। संबंधित बाजारों की कीमतों और आपूर्ति की स्थिति के आधार पर प्याज की मात्रा और गंतव्य तय किए जा रहे हैं। सरकार ने खुदरा हस्तक्षेप का विस्तार करते हुए 19 शहरों में 30 से अधिक ट्रक लगाए हैं। इनमें दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भोजपुर, शरीफ, भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं।
अब तक 669 मीट्रिक टन की बिक्री
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स के अलावा मोबाइल वैन के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक करीब 669 मीट्रिक टन प्याज की बिक्री हो चुकी है। इसमें 223 टन प्याज की बिक्री ई-नाम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से थोक चैनलों में मौजूदा मंडी कीमतों पर की गई है। वहीं, 446 टन प्याज खुदरा चैनलों के जरिए बेचा गया है।
बफर स्टॉक से बढ़ी आपूर्ति, कीमतों में नरमी
सरकार का दावा है कि बफर स्टॉक बाजार में उतारने से प्याज की उपलब्धता बढ़ी है और कई प्रमुख बाजारों में कीमतों में नरमी आई है। वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजारों में इसका असर विशेष रूप से देखा गया है। सरकार का कहना है कि बफर स्टॉक की बिक्री शुरू होने के अगले दिन से ही कीमतों में गिरावट का रुझान देखने को मिला। आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में और स्थिरता आने की उम्मीद है। सरकार ने यह भी बतााय कि प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था के तहत करीब 3,400 किसानों को 210 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किया जा चुका है।

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