उत्तर भारत में इस सप्ताह और आगे बढ़ेगा मानसून; कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और कुछ इलाकों में लू का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में आगे बढ़ेगा। कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति रह सकती है। उसके बाद यहां भी तापमान में कमी आएगी।

उत्तर भारत में इस सप्ताह और आगे बढ़ेगा मानसून; कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और कुछ इलाकों में लू का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि अगले कई दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई और हिस्सों में आगे बढ़ेगा, जिससे अनेक राज्यों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अगले एक-दो दिनों तक लू की स्थिति बनी रह सकती है, जिसके बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में मानसून के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान तथा गुजरात के शेष क्षेत्रों तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग ने सप्ताह के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अगले पांच दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है। 29 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा हो सकती है। वहीं, कोंकण एवं गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भी 3 जुलाई तक अलग-अलग दिनों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है।

इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, गुजरात, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में 29 जून तथा 1-2 जुलाई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के बीच धूलभरी आंधी आने की संभावना है।

आईएमडी ने चेतावनी दी है कि इन मौसम गतिविधियों के कारण पेड़ उखड़ सकते हैं, फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, बिजली और संचार लाइनें प्रभावित हो सकती हैं, निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। जिन नदी जलग्रहण क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां नदी में बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है। 

इन जगहों पर लू चलने की आशंका

मानसून की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद 29 जून को पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा 29 और 30 जून को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना है। हालांकि, आईएमडी ने अनुमान जताया है कि 4 जुलाई तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। महाराष्ट्र में 3 जुलाई तक तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। गुजरात और मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के बाद तापमान धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर को गर्मी से राहत जल्द

दिल्ली-एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून की गतिविधियां बढ़ने के साथ मौसम में धीरे-धीरे राहत मिलेगी। 30 जून और 1 जुलाई को हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 2 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 जून के 39-41 डिग्री सेल्सियस से घटकर 2 जुलाई तक 34-36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए एडवाइजरी

आईएमडी ने किसानों के लिए भी मौसम संबंधी सलाह जारी की है। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है, वहां खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने, भारी बारिश के दौरान बुवाई या रोपाई टालने, पकी हुई फल एवं सब्जियों की समय पर कटाई करने तथा केले, गन्ने और अन्य बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो। 

आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि वे अगले कुछ दिनों तक मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमानों और चेतावनियों पर लगातार नजर रखें, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे बढ़ती गतिविधियों के साथ देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर मौसम संबंधी जोखिम भी उत्पन्न हो सकते हैं।

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