इस वर्ष पोल्ट्री उद्योग का रेवेन्यू लगभग 10% बढ़ने की उम्मीद, अंडे और ब्रॉयलर की ऊंची कीमतों से मिलेगा सहारा: क्रिसिल
क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार अंडे और ब्रॉयलर की ऊंची कीमतों तथा स्थिर मांग के दम पर वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के पोल्ट्री उद्योग का राजस्व लगभग 10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। फीड लागत बढ़ने के बावजूद उद्योग का ऑपरेटिंग मार्जिन 50-70 बेसिस पॉइंट सुधर सकता है। कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल भी मजबूत बनी रहने की उम्मीद है।
भारत का पोल्ट्री उद्योग चालू वित्त वर्ष 2026-27 में एक बार फिर अपनी दीर्घकालिक औसत वृद्धि दर पर लौटने जा रहा है। अंडे और ब्रॉयलर दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी तथा स्थिर मांग के कारण उद्योग की आय में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। क्रिसिल रेटिंग्स की गुरुवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर आमदनी से उद्योग की लाभप्रदता में सुधार होगा और बढ़ती फीड लागत के बावजूद कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर बनी रहेगी।
क्रिसिल ने 34 पोल्ट्री कंपनियों के विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। इन कंपनियों का संयुक्त राजस्व करीब 12,410 करोड़ रुपये है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष में उद्योग का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था, लेकिन इस वर्ष बेहतर कीमतों और स्थिर उपभोक्ता मांग के कारण इसमें सुधार देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में उद्योग का ऑपरेटिंग मार्जिन 50-70 बेसिस पॉइंट सुधरने की संभावना है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसमें 50 बीपीएस की गिरावट आई थी। बेहतर कीमतों से मिलने वाले लाभ से बढ़ती फीड लागत का असर काफी हद तक संतुलित हो जाएगा। सीमित पूंजीगत निवेश (कैपेक्स), कम अतिरिक्त कर्ज और मजबूत नकदी प्रवाह के कारण कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल भी स्थिर बनी रहेगी।
अंडा कारोबार रहेगा वृद्धि का प्रमुख आधार
पोल्ट्री उद्योग के कुल कारोबार में 58-60 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला अंडा इस वर्ष भी वृद्धि का प्रमुख आधार रहेगा। क्रिसिल ने कहा कि प्रोटीन का किफायती स्रोत होने के कारण अंडे की मांग व्यापक है। साथ ही भारत में प्रति व्यक्ति वार्षिक अंडा खपत केवल 106 अंडे है, जो वैश्विक औसत से काफी कम है। इससे भविष्य में मांग बढ़ने की पर्याप्त संभावना है।

रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अंडों की खपत 4-6 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। इसके साथ ही अंडों की औसत कीमत बढ़कर 5.6-5.8 रुपये प्रति अंडा होने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप अंडा कारोबार की आय 9-11 प्रतिशत बढ़ सकती है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसमें 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
ब्रॉयलर कारोबार में भी सुधार के संकेत
ब्रॉयलर कारोबार की आय वृद्धि पिछले वित्त वर्ष के 5 प्रतिशत से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 8-10 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ब्रॉयलर की बिक्री मात्रा 2-4 प्रतिशत बढ़ सकती है। इसके पीछे ग्रामीण मांग में सुधार, प्रति व्यक्ति मांस खपत में वृद्धि तथा प्रोटीन युक्त भोजन की बढ़ती पसंद प्रमुख कारण होंगे।
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक जयश्री नंदकुमार ने कहा, "पिछले वित्त वर्ष में कम अवधि की गर्मी और समय से पहले मानसून आने के कारण ब्रॉयलर की आपूर्ति बढ़ गई थी, जिससे कीमतों में सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके कारण वित्त वर्ष के अंत में चूजों की प्लेसमेंट कम हुई, जिससे पहली तिमाही में कीमतें बढ़ गईं। इसके अलावा, अल नीनो की आशंका के चलते इस वर्ष मुर्गियों का औसत वजन कम रहने की संभावना है, जिससे आपूर्ति घटेगी और ब्रॉयलर की औसत कीमत 120-125 रुपये प्रति किलोग्राम रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 115-120 रुपये प्रति किलोग्राम थी।"
क्रिसिल के अनुसार, बेहतर कीमतों और स्थिर मांग के कारण पूरे पोल्ट्री उद्योग की आय में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
फीड महंगी होगी, लेकिन मार्जिन सुधरेगा
रिपोर्ट के अनुसार, फीड लागत पोल्ट्री उद्योग की कुल उत्पादन लागत का 60-65 प्रतिशत हिस्सा होती है। फीड के प्रमुख घटक सोयाबीन डी-ऑयल्ड केक (डीओसी) और मक्का हैं, जिनका अनुपात लगभग 1:2 रहता है। क्रिसिल रेटिंग्स के एसोसिएट डायरेक्टर ऋषि हरि ने कहा, "अल नीनो की स्थिति के कारण मक्का की कीमतों में मध्यम वृद्धि होने की संभावना है, जबकि पर्याप्त उपलब्धता के चलते सोयाबीन डीओसी की कीमतें स्थिर रहेंगी। फीड के शेष 10 प्रतिशत घटक, जिनमें मुख्य रूप से विटामिन और भूसी शामिल हैं, आयात किए जाते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से ये महंगे होंगे। इसके चलते औसत फीड लागत 3-5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 77 रुपये प्रति किलोग्राम हो सकती है।"
रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में फीड की औसत कीमत 74 रुपये से बढ़कर 77 रुपये प्रति किलोग्राम होने का अनुमान है, जबकि ब्रॉयलर की औसत कीमत 117 रुपये से बढ़कर 123 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच सकती है।

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