20 मार्च तक बारिश-आंधी और ओलावृष्टि की संभावना; बदले मौसम से तैयार फसलों को नुकसान
उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते 20 मार्च तक बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। इससे जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
उत्तर भारत में मौसम के बदले मिजाज से बढ़ती गर्मी से राहत मिली है, लेकिन खेतों में खड़ी रबी की तैयार फसलों को बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
अगले दो-तीन दिनों के दौरान सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत के मौसम पर बना रहेगा। 19 और 20 मार्च को दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
दिसंबर-जनवरी के दौरान बर्फबारी का सूखा झेलने वाले उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में अब बर्फबारी हो रही है, जो मौसम के बदले मिजाज का संकेत है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले एक सप्ताह तक दिन का तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है और फिलहाल हीट वेव के आसार भी नहीं है।
आज भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.5°C पंजाब के फरीदकोट में दर्ज किया गया, जबकि कल उत्तर प्रदेश के बांदा में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 39.8°C रिकॉर्ड किया गया था।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 20 मार्च तक छिटपुट गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 और 20 मार्च को छिटपुट भारी वर्षा या बर्फबारी हो सकती है।
आंधी और ओलावृष्टि की संभावना
अगले दो-तीन दिनों में देश के कई हिस्सों में आंधी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 18-19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19-20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 19 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 मार्च को छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना है।
वहीं, मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक गरज-चमक के साथ तूफानी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान विदर्भ (18 मार्च), छत्तीसगढ़ (18-19 मार्च), पूर्वी मध्य प्रदेश (19-20 मार्च), ओडिशा (19-21 मार्च), झारखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश (20 मार्च), तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम (20-21 मार्च) में कई स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
फसलों को नुकसान
अचानक मौसम के बदले मिजाज से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाया है। फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में जहां अत्यधिक गर्मी थी, वहीं अब आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों जैसी फसलों के खराब होने की खबरें सामने आ रही हैं। खासतौर पर हरियाणा और पंजाब में कटाई के लिए तैयार सरसों की फसल को नुकसान हुआ है।

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