देहरादून–ऋषिकेश हाईवे पर पेड़ों की कटाई स्थगित, पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के बाद पीछे हटी सरकार

देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर उत्तराखंड सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सभी पक्षों के बीच सहमति बनने तक पेड़ नहीं काटे जाएंगे। लगातार हो रहे जनविरोध और पर्यावरण संरक्षण की चिंताओं के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।

देहरादून–ऋषिकेश हाईवे पर पेड़ों की कटाई स्थगित, पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के बाद पीछे हटी सरकार

देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर प्रस्तावित पेड़ों की कटाई को लेकर जारी विरोध के बीच उत्तराखंड सरकार ने फिलहाल पेड़ कटान पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ऐलान किया कि जब तक सभी पक्षों के बीच सहमति और विश्वास का वातावरण तैयार नहीं हो जाता, तब तक परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न संगठनों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने दोहराया कि जनभावनाओं, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई भी निर्णय नहीं लिया जाएगा।

देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना के तहत करीब 20 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए 4,369 पेड़ हटाए जाने प्रस्तावित हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कहना है कि परियोजना के तहत वन्यजीवों की आवाजाही के लिए हाथियों के अंडरपास जैसी संरचनाएं बनाई जा रही हैं। साथ ही प्रतिपूरक वृक्षारोपण और कुछ पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की भी योजना है। हालांकि, पर्यावरण संगठनों का तर्क है कि परिपक्व पेड़ों के नुकसान की भरपाई केवल नए पौधे लगाकर नहीं की जा सकती।

देहरादून–ऋषिकेश मार्ग पर पेड़ों की कटाई के खिलाफ स्थानीय लोग, पर्यावरण कार्यकर्ता, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। कई स्थानों पर लोगों ने पेड़ों से चिपककर विरोध दर्ज कराया और इसे चिपको आंदोलन की भावना से जोड़ा। पेड़ कटान के खिलाफ लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा था।

पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में आम नागरिक और पर्यावरणविद सड़कों पर उतरकर पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे थे। यह अभियान सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक रूप ले चुका था। शुक्रवार को देहरादून में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से लौटते समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं और इस मुद्दे को उठाने का भरोसा दिलाया था। 

हालांकि, परियोजना को पूरी तरह रद्द नहीं किया गया है। राज्य सरकार अब विभिन्न पक्षों के साथ संवाद कर ऐसा समाधान तलाशने का प्रयास करेगी, जिससे विकास कार्य भी आगे बढ़ सके और पर्यावरणीय नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।

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